चंदक स्टेशन के पास ट्रैक के नीचे लगाए लकड़ी के टूटे हुए स्लीपर।
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चंदक में रेलवे अधिकारियों की चूक से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। चंदक रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर अप लाइन पर ट्रैक के नीचे लकड़ी के गले हुए स्लीपर लगाकर ट्रेनों को पास कराया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा ताक पर रख दी गई है।
सहारनपुर मुरादाबाद रेलवे ट्रैक की डाउन लाइन पर दो फरवरी को लाइन में फैक्चर हो गया था। 29 फरवरी को डाउन लाइन में ही फैक्चर होने से बालावाली क्षेत्र में गांव कूड़ी के पास मालगाड़ी के डीजल और पेट्रोल से भरे छह टैंकर पलट गए थे। इतना सब होने के बाद भी रेल अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। चंदक स्टेशन के पास अप लाइन पर खंभा नंबर 1515/19 और 1515/20 के बीच रेलवे लाइन के नीचे ट्रैक के नीचे सीमेंटेड स्लीपर के बजाए लकड़ी के गले हुए स्लीपर लगाकर किसी तरह जुगाड़ कर यहां से ट्रेनों को निकाला जा रहा है। एक नहीं बल्कि दो स्थानों पर यह स्लीपर लगाए गए हैं। लकड़ी के स्लीपर जीर्ण अवस्था में हैं। इस ट्रैक से प्रतिदिन करीब 20 मालगाड़ी और यात्री गाड़ी गुजरती हैं। अधिकारियों की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।
स्टेशन अधीक्षक कान्हाराम मीणा के मुताबिक ट्रेनों को अप लाइन पर चेतावनी(कोशन) देकर गुजारा जा रहा है।
पीडब्ल्यूआई मणिराम के मुताबिक अप लाइन पर स्लीपर बदलने का काम चल रहा है। कुछ जगह पर ट्रैक पर गड्ढ़े होने पर उनको भरने का काम किया जा रहा है। शीघ्र सीमेंटेड स्लीपर लगाए जाएंगे।