फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमकर बरसे ओले, सड़कों पर बिछी बर्फ की चादर

Thu, 28 Feb 2019 12:05 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
विज्ञापन
बिजनौर में भारी ओलावृष्टि के बाद सफेद हुई सड़क। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बिजनौर में बुधवार को जिला मुख्यालय पर पत्थरों की तरह ओला बरसा। ओलावृष्टि से सड़कों पर एक से डेढ़ इंच की चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से फसलों को भी भारी नुकसान की बात कही जा रही है। ओलावृष्टि से जिले की सड़कों पर पहाड़ों की बर्फबारी जैसा नजारा देखने को मिला। ओलावृष्टि रुकने के बाद नागरिकों ने चैन की सांस ली।
विज्ञापन





दोपहर करीब तीन बजे आसमान में घने बादल छाए हुए थे। करीब सवा तीन बजे हल्की बूंदाबांदी के एक दो मिनट बाद ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। शुरू में गेहूं के दाने से कुछ मोटा ओले पड़े। लेकिन देखते ओलावृष्टि तेज हो गई। ओले का आकार भी कंचे जितना था। करीब 20 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई। पत्थर की तरह ओले बरसे। इसमें करीब दस मिनट तक तो केवल ओलावृष्टि हुई। बारिश नहीं पड़ी। ओलावृष्टि से बाजार में हड़कंप मच गया। राहगीरों ने दुकानों, मकानों आदि में शरण ली। मोहल्ला काजीपाड़ा में लग रहे पैठ बाजार बुध बाजार में ओलावृष्टि होते ही हड़कंप मच गया। दुकानदारों व ग्राहकों ने आसपास शरण लेकर किसी तरह जान बचाई। ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, चने, आलू सहित सभी सब्जियों आदि की फसलों को भारी नुकसान की बात कही जा रही है। हालांकि ओलावृष्टि जिला मुख्यालय और आसपास के गांवों में ही रही। इससे ज्यादा क्षेत्र में नुकसान नहीं होगा। वहीं ओलावृष्टि से जिले में पहाड़ों की बर्फवारी सा नजारा देखने को मिला। सड़कों पर ओलावृष्टि से दूर तक बर्फ की चादर बिछी नजर आ रही थी। लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में कभी इतना ओला पड़ता नहीं देखा है। इतनी ओलावृष्टि पहले कभी नहीं हुई। जिला कृषि अधिकार अवधेश मिश्र के अनुसार फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।




बिछ गई बर्फ की चादर
ओलावृष्टि के दौरान कारों, बसों की छत, सड़क, टीन शेड पर बर्फ की चादर बिछ गई। ओलावृष्टि रुकने व धूप निकलने के काफी देर बाद तक भी टीन शेड आदि पर ओले की चादर बिछी रही।
विज्ञापन




मौसम का दिखा हर रंग
ओलावृष्टि से पहले और बाद में मौसम के सभी रंग देखने को मिले। ओलावृष्टि के बाद एकदम मौसम खुल गया और चटख धूप निकली। बाद में फिर से बादल छा गए।



बच्चे रहे खुश
सड़क पर घर में जमी ओले की चादर देखकर बच्चे बहुत खुश नजर आए। बच्चों ने आंगन में पड़े ओले इकट्ठा किए। उन्होंने ओलों के साथ सेल्फी भी ली और एक दूसरे के ऊपर बर्फ के गोले भी फेंके।



ओलावृष्टि से मौसम में बढ़ी ठंडक
नगीना। तेज हवा के साथ हुई बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ रही है। करीब दस मिनट तक हुई ओलावृष्टि से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। बुधवार की सुबह से मौसम खराब रहा। शाम के समय करीब दस मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। कृषि अनुसंधान मौसम वैद्यशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के मुताबिक मौसम खराब होने के साथ साथ तेज बारिश तथा ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। प्रेक्षक के अनुसार बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि आर्द्रता 93 प्रतिशत तथा दोपहर में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 63 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। बढ़ापुर क्षेत्र में भी तेज हवा के साथ मध्यम बारिश हुई। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को बारिश से लाभ पहुंचेगा। जबकि आलू और खेतों में पकी सरसों की फसल को भारी नुकसान होने की संभावना है। चारों ओर अंधेरा छाने के कारण नगर की सभी स्ट्रीट लाइटों को चार बजे से ही जला दी गई।



ठंड का हुआ एहसास
कोतवाली देहात। क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बारिश ने लोगों को ठंड का एहसास कराया। गांव मसूरी निवासी किसान गजेंद्र शर्मा उर्फ गामा, मोहन कुमार आदि ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए मुफीद है। जबकि दलहनी और तिलहनी फसलों को बारिश नुकसान पहुंचा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें