नहटौर में पीएनबी के बाहर कैश लेने के लिए बारिश में खड़ी भीड़।
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हिजनौर के अफजलगढ़ और धामपुर में नोटबंदी के 60 दिन बाद हालात बेकाबू है। शनिवार को कड़ाके की ठंड और भारी बारिश के बीच लोग छाता लगाए कैश लेेने के चक्कर में लाइन में लगे रहे। ग्राहकों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हुई नोटबंदी ने उन्हें तबाह कर रख दिया है। खातों से अपना ही पैसा निकालने के लिए बारिश में लाइन में खड़े रहने के लिए विवश होना पड़ा।। उधर, ग्रामीण इलाकों के बैंक अधिकारियों ने कहा कि उच्चाधिकारी समस्याओं का समाधान करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि नगरों की बैंक शाखाओं की तुलना में देहात की शाखाओं में ज्यादा कैश उपलब्ध कराया जाए।
शनिवार को ग्राहकों को कैश लेने के लिए बारिश के बीच कड़ाके की ठंड में लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ा। अफजलगढ़ में स्टेट बैंक में ग्राहकों की भारी भीड़ लगी रही। पीएनबी अफजलगढ़, सर्वयूपी ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, कासमपुरगढ़ी पीएनबी सर्वयूपी ग्रामीणमें नोकैश का बोर्ड लगा होने से ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राहक हसन, विशाल, तासिम, कासिम, अजमल, नजमुल, अफसर, फैसल, फईम, अमर, सलमान, शौकीन, चमनो देवी, अनीता, सुनीता, रामवती, ओमवती, हरपाल, विजयपाल, रईसा, फईमा, फरजाना, इमराना आदि ने कहा कि रोज लाइन में लगने के बावजूद कैश नहीं मिल पाता है। उनका नंबर आने से पहले ही बैंक अधिकारी कैश समाप्त होने का बोर्ड टांग देते हैं। उन्हें बिना पैसे के मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। फिर अगले दिन लाइनों में लगना मजबूरी बन जाता है । अभी तक साठ दिन बीतने पर भी उन्हें 14 हजार रूपये ही मिल पाए है। उपभोक्ताओं की हालत बेहाल है। वह असमजंस में है कि वह कामकाज छोड़कर भी लाइन में लगने के बाद भी उन्हे पैसा मिलने को तैयार नहीं है। हरेवली के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक प्रबंधक रवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विभाग के अधिकारियों के बैंक शाखाओं में हो रहे कैश आवंटन की स्थिति ने बैंक अधिकारियों को भी बेहाल कर रख दिया है। बैंक अधिकारियों ने कहा कि कैश आने पर ही हालात में सुधार होगा।