रेल अधिकारियों पर महाप्रबंधक को गुमराह करने का आरोप
नजीबाबाद। रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल के जनहित की कई मांगों को खारिज किए जाने पर स्थानीय नागरिकों ने रोष व्यक्त किया है और उन्होंने रेलवे के मंडलीय अधिकारियों पर महाप्रबंधक को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
विधायक हाजी तसलीम अहमद ने फुटओवर ब्रिज निर्माण सहित जनहित की कई मांगें रेल महाप्रबंधक को सौंपी थीं। जिसपर महाप्रबंधक ने अलग-अलग कारण गिनाते हुए खारिज कर दिया है।
विधायक प्रतिनिधि नितिन कश्यप ने बताया कि महाप्रबंधक रेलवे ने मालगोदाम रेलवे क्रांसिंग पर एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) की मांग को यह कहते हुए खारिज किया है कि वहां पहले एफओबी है। लेकिन यह एफओबी केवल रेलवे कॉलोनी के लोगों के लिए है और बाहरी लोग क्षेत्रों के लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए नया एफओबी जरूरी है। महाप्रबंधक के निर्णय को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा का कहना है कि विधायक द्वारा उठाई गई मांगों के संबंध में डीआरएम मुरादाबाद ने रेल महाप्रबंधक को गुमराह किया है। उन्होंने मसूरी एक्सप्रेस के कोटद्वार से लगने वाले कोच पुन: ट्रेन में लगाने की व्यवस्था को जनपद बिजनौर और उत्तराखंड वासियों की दृष्टि से जरूरी बताया। पूर्व सैनिक मनोज कुमार ने रेलवे महाप्रबंधक द्वारा फुटओवर ब्रिज निर्माण, मसूरी में कोटद्वार के कोच जोड़ने और ट्रेनों का स्टॉपेज दिए जाने की मांग को गंभीरता से न लेने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
एएम वेलफेयर ट्रस्ट के चेयरमैन आसिफ अली मुत्तकी ने मंडलीय रेल अधिकारियों द्वारा जीएम को नजीबाबाद स्टेशन से संबंधित समस्याओं के संबंध में गुमराह किया है। नजीबाबाद स्टेशन की औसत आय कम होने के तर्क को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि नजीबाबाद रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली रनथ्रू ट्रेनों का स्टॉपेज दिए जाने और मुंबई के लिए कोटद्वार से सीधी ट्रेन संचालित करने की मांग जनहित में है।