बिजनौर के नूरपुर में तीन दिन पूर्व गांव राहुनंगली में बिजली का तार टूटने से मरी महिला के परिजनों ने एसडीओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ थाने में धरना दिया। मृतका के भाई ने बिजली निगम के एसडीओ की लापरवाही के कारण दुर्घटना होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। सीओ के रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देने पर धरना समाप्त हुआ।
मंगलवार को गांव राहुनंगली में चल रही रामलीला देखकर घर लौट रही नरेंद्र कौर के ऊपर बिजली का तार टूटकर गिर गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सोमपाल सिंह का 12 वर्षीय पुत्र चांद करंट की चपेट में आकर झुलस गया था। ग्रामीणों के हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम और क्षेत्रीय विधायक लोकेंद्र चौहान की मौजूदगी में एसडीओ राजेश कुमार ने मृतका के परिजनों को 70 हजार व घायल को 30 हजार रुपये का मुआवजा दिया था।
शनिवार की दोपहर मृतका के परिजन काफी संख्या में ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और एसडीओ विद्युत राजेश कुमार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इसके बाद ग्रामीण थाने में ही धरने पर बैठ गए। शाम साढ़े पांच बजे थाने पहुंचे सीओ चांदपुर बीएल आर्य और तहसीलदार देवेंद्र पांडेय थाने पहुंचे और मृतका के परिजनों से बात की। मृतका के भाई दीपक ने सीओ को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की। तहरीर में दीपक ने आरोप लगाया है कि वह कई बार एसडीओ से गांव के जर्जर तारों को बदले जाने की मांग कर चुका है, लेकिन तार नहीं बदले गए। घटना की रात तार टूटने की सूचना भी एसडीओ को दी गई थी, लेकिन बिजली की सप्लाई भी बंद नहीं की गई। उसने घटना का कारण एसडीओ की लापरवाही बताते हुए उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
सीओ ने ग्रामीणों को रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। धरने पर बैठने वालों में अरविंद, वीर सिंह, नरेंद्र, धर्मेंद्र जोशी, जीवन सिंह दलजीत सिंह आदि काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सीओ बीएल आर्य ने बताया कि उनके द्वारा कई बार फोन करके एसडीओ को वार्ता करने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह थाने नहीं आए। तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा।