-खुले बाजार में 2200 से 2250 रुपये में खरीदा जा रहा गेहूं
-44 केंद्रों पर 339 किसानों से खरीदा 1188.77 मैट्रिक टन गेहूं
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-2250 रुपये प्रति क्विंटल में व्यापारी खरीद रहे गेहूं
-339 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा गेहूं
-1188.77 मैट्रिक टन गेहूं की अभी तक हुई खरीद
-2115 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का सरकारी मूल्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर । सरकारी माप दंड से जरूर गेहूं की फसल मौसम की आपदा से बाहर हो, लेकिन धरातल पर बेमौसम बारिश से गेहूं उत्पादन पर 20 प्रतिशत का असर आया। उत्पादन कम होने से गेहूं बाजार व सरकारी क्रय केंद्रों पर कम ही पहुंच रहा है। खुले बाजार में एमएसपी से ज्यादा गेहूं मूल्य होने से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद कम हुई है। जनपद में खुले क्रय केंद्रों पर 339 किसानों से 1188.77 मैट्रिक टन गेहूं खरीदारी हुई।
इस बार जनपद में गेहूं खरीद के लिए 44 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए। क्रय केंद्रों पर सरकार ने एमएसपी में बढ़ोत्तरी 2125 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद का तय किया। साथ ही गेहूं खरीद का लक्ष्य 38000 मैट्रिक टन है। इन क्रय केंद्रों पर 339 किसानों से 1188.77 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त करने को कर्मचारी गांव में संपर्क कर रहे हैं। बाजार में गेहूं खरीद के दाम 2200 से लेकर 2250 रुपये तक चल रहे हैं। किसानों का कहना है कि गांव गांव खरीदने वाले व्यापारी बारिश से काला पड़े गेहूं को 18 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। किसानों सरकारी क्रय केंद्रों सापेक्ष बाजार का रूख किया। सरकारी गेहूं खरीद की आखिरी तिथि 15 जून निर्धारित की गई।
मोबाइल क्रय केंद्रों से खरीदा गेहूं
सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं की कम आवक पर शासन ने मोबाइल क्रय केंद्रों का संचालन किया। अफसरों के अनुसार जनपद में मोबाइल क्रय केंद्रों ने गांव गांव जाकर किसानों से संपर्क कर उन्हें प्रेरित कर गेहूं की खरीदारी की है।
- कोट
गेहूं खरीद का कार्य चल रहा है। सभी क्रय केंद्रों से 339 किसानों से 1188.77 मैट्रिक टन गेहूं की खरीदारी की है। मोबाइल क्रय केंद्रों से गेहूं खरीदा जा रहा है।
-अमित द्विवेदी, डिप्टी आरएमओ