-मेडिकल अस्पताल में करीब 30 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया के पहुंच रहे
-चिकित्सक परिजनों को दे रहे ठंड से बचाव करने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सर्दियों में बच्चे सर्दी लगने से बीमार पड़ रहे हैं। ऐसे में अब छोटे बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। वहीं थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर बच्चे निर्जलीकरण के भी शिकार हो रहे हैं। इस मौसम में बच्चों को बुखार, जुकाम, खांसी, दस्त आ रहे हैं। बच्चों में लगातार यह समस्या बढ़ रही है।
सर्दियों के दिनों में रोटा वायरस ज्यादा हावी होता है। रोटा वायरस ऐसे बच्चों को प्रभावित करता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। अभी ठंड लगने की वजह से बुखार, जुकाम, खांसी की चपेट में ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। वहीं अब कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है।
मेडिकल अस्पताल की बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 15 मरीज तक कोल्ड डायरिया के पहुंच रहे हैं। इसके अलावा सर्दियों में बच्चे पानी कम पीते हैं। दस्त होने से पानी की कमी होने लगती है। जिससे बच्चे निर्जलीकरण के शिकार हो रहे हैं। इसलिए बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में ओआरएस पिलाते रहे।
कोल्ड डायरिया सेे ऐसे करें बचाव
- बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए
- डायरिया से बचाव के लिए टीका लगवाना चाहिए
- मूंग की दाल का सेवन करें
- बच्चों को ओआरएस पिलाएं
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
सर्दियों में रोटा वायरस की वजह से बच्चे कोल्ड डायरिया के शिकार हो रहे हैं। इससे बचाव के लिए चिकित्सक से परामर्श लें। साथ ही ओआरएस पिलाएं। मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। - डॉ. सुरेंद्र सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर