नगरपालिका का विस्तार किए जाने का प्रस्ताव पास
नूरपुर। नगरपालिका परिषद की बोर्ड की बैठक में नगरपालिका की सीमा का विस्तार किए जाने सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए। इस दौरान सभासदों ने अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया और उनके स्थानांतरण के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव किए जाने की मांग की।
बुधवार को पालिका कार्यालय के सभागार में हुई बैठक में प्रस्ताव किया गया कि वर्ष 1977 में नूरपुर को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाया गया था। 1983 में इसे नगरपालिका का दर्जा मिला। नगरपालिका बने करीब 40 साल बीतने के बाद भी पालिका की सीमा का विस्तार नहीं हुआ है। वर्तमान में पालिका क्षेत्र के चारों ओर सघन आबादी हो चुकी है। जनता पानी और बिजली की मांग करती है, लेकिन पालिका क्षेत्र में न होने के कारण मांग पूरी नही हो सकती। बैठक में सर्वसम्मति से पालिका क्षेत्र का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजे जाने की सहमति बनी। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण केंद्र पर खाद गोदाम, लेबर रूम व शौचालय का निर्माण कराए जाने। कूड़ा निस्तारण केंद्र पर रूफ व रेन हार्वेस्टिंग का निर्माण कराए जाने, शहीद स्मारक के पास पड़ी नलकूप विभाग की भूमि को नगरपालिका में हस्तांतरण कराए जाने के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
प्रस्ताव पारित करने की मांग
बैठक के दौरान असलम, मोहम्मद रफी, खुर्शीदा, राजेंद्र सिंह, रमन देवी, संजीव जोशी आदि ने अधिशासी अधिकारी पर सभासदों से अभद्रता करने, विकास कार्यों में कमीशनखोरी करने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया और अधिशासी अधिकारी का ट्रांसफर कराने के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित करने की मांग की। सभासदों ने इस संबंध में एक ज्ञापन पालिका चेयरमैन फरीना इरशाद को दिया। चेयरमैन ने इस मामले में अधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन देकर सभासदों को शांत किया। पालिकाध्यक्ष की अध्यक्षता व अधिशासी अधिकारी के संचालन में हुई बैठक में हाजी इरशाद अली अंसारी, सुशील, रमन देवी, संजीव जोशी, राजेंद्र सिंह, सरोज देवी, राजीव जोशी, दीपक शर्मा आदि सभासद मौजूद रहे।