एमेजोन पर बिक्र रहे बिजनौर के उत्पादित पदार्थ
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने किसानों से कहा कि हम आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। संगठित होकर अपने कृषि उत्पाद बेचें। यहां के कृषि उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मार्केट में छा जाए यह प्रयास है। कहा कि बिजनौर को कृषि हब बनाना उद्देश्य है। किसान खेती के साथ-साथ उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाएं।
कलक्ट्रेट सभागार में खांडसारी शक्कर गुड़ क्रेता-विक्रेता सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। कहा कि आने वाला कल जैविक खेती का है। इस परिचर्चा का उद्देश्य कृषि उत्पाद क्रेता व विक्रेता को एक मंच पर लाना है। उन्होंने खांडसारी शक्कर गुड़ निर्माताओं से कहा कि प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। किसान खेती के साथ-साथ उद्यमिता की ओर बढे़ं। आज बिजनौर में ही ऐसे प्रगतिशील किसान हैं, जो अपने उत्पादों को एमेजोन पर बिक्री कर 08 से 10 लाख तक के उत्पादित पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं। सीडीओ केपी सिंह ने कहा कि बिजनौर गन्ना व गन्ने के उत्पादों के लिए जाना जाता है। कहा कि इसको बढ़ावा देना कृषि विभाग व प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रगतिशील किसान की मांग पर जैविक गन्ना उत्पादकों की सूची बनाकर खांडसारी गुड़ निर्माताओं को देने के लिये कहा।
50 करोड़ रुपये तक करें निर्यात
डीएम ने कहा कि गतवर्ष गुड का निर्यात 5 से 6 करोड़ रुपये तक था। इस वर्ष 50 करोड़ रुपये तक का निर्यात करें। बिजनौर का गुड़ व कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ख्याति पायें यह प्रयास है। किसानोें को संपन्न बनाना व उनकी आय दोगुनी करना सरकार व प्रशासन का उद्देश्य है। किसानों को मेडिसिनल प्लांट (औषधीय खेती) की खेती करनेे के लिए प्रेरित किया। बताया कि सरकार की ओर से मेडिसिनल प्लांट (औषधीय खेती) की खेती करने पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाती है।