बिजनौर। जिले में बिजली की अंधाधुंध कटौती के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत निगम के अधिकारी जिले में बिजली की खपत बढ़ने का दावा करके अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। जिले में सूखे जैसे हालात हैं। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में तालाब बने थे। उनमें नलकूप द्वारा पानी भरने के निर्देश थे। अधिकारियों के हस्ताक्षर केवल फाइलों में ही दर्ज है। नहरों में भी पानी नहीं आ रहा है। किसानों को सिंचाई के लिए एक मात्र सहारा नलकूप का है।
बिजली ने भी किसान के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। पूरे जिले में बिजली के लिए हाहाकार मचा हुआ है। भाकियू के जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के मुताबिक बिजली अधिकारियों की बयानबाजी केवल कागजों में है। किसान खेतों में बिजली आने की आस में भूखा प्यासा बैठा रहता है। पानी खेत तक पहुंचता नहीं कि बिजली भाग जाती है।
अंधेरे के कारण अपराध बढे़ रहे हैं। शहरी इलाकों में भी कमोबेश यही हालत है। उद्योग धंधे चौपट हो गए हैं। एसई एके सिंह का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले जिले में बिजली की खपत बढ़ी है।
वित्तीय वर्ष 2014-2015 में बिजली की खपत 100 मिलियन यूनिट थी। जो वित्तीय वर्ष 2015-2016 में बढ़कर 150 मिलियन यूनिट हो गई। शहरों में बिजली के लिए हाहाकार मचा है। उद्योग धंधे बंदी के कगार पर हैं। इलेक्ट्रानिक संस्थान बिजली के नहीं आने से नुकसान होने का रोना रो रहे हैं। आखिर यह बिजली जा कहां रही है? किसी के पास इसका जवाब नही है।
सब्जी मंडी में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
अफजलगढ़। अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज से जूझ रहे व्यापारियों ने दूसरे दिन निगम के खिलाफ प्रदर्शन नारेबाजी की। उपभोक्ताओं ने बिजली व्यवस्था में सुधार न होने पर निगम को आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी है। आरोप है कि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं का गर्मी में हाल बेहाल हो गया है। रविवार को सब्जी मंडी में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना है कि अंधाधुंध बिजली कटौती से गर्मी में जीना दुश्वार हो गया है। विद्युत उपकरण शोपीस बने हैं।
बिजली न मिलने की वजह से कोई उपभोक्ता बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं कर पा रहा है। पानी न मिलने से किसानों की फसलें सूख गई हैं। पानी की कमी के चलते नहरों भी बंद कर दी गई हैं। यदि बिजली सप्लाई नहीं बढ़ाई गई तो किसान हाथों पर हाथ रखकर बैठ जाएंगे। बारिश भी दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रही है।
उपभोक्ताओं ने निगम ने डबल शिफ्ट में क्षेत्र को 16 घंटे बिजली दिलाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में इमामुद्दीन कस्सार, अयूब, शाहिद, खालिस, जाहिद, रहमतुल्ला, फरीदी, गुलजार, लईक अहमद, यासीन, मुक्कू, निजाम, इस्लामुद्दीन, जफीर अहमद रहे। उधर जेई रणजीत सिंह मौर्य का कहना है कि व्यवस्था में सुधार लाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।