- जननी सुरक्षा योजना में सहयोग नहीं करने वाली आशाओं को सूची तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जननी सुरक्षा योजना में सहयोग नहीं करने वाली आशाओं की सूची तैयार होगी। जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके। दरअसल, सरकारी अस्पतालों के बजाए निजी अस्पतालों में प्रसव को लेकर बढ़ रहे रुझान को लेकर सीडीओ ने चिंता जाहिर की है। उन आशाओं को चिह्नित किया जाएगा, जिन्होंने तीन महीने में एक भी प्रसव का केस रेफर नहीं किया है।
मंगलवार की शाम सीडीओ पूर्ण बोरा ने विदुर सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में जननी सुरक्षा योजना का संचालन पूरी गुणवत्ता और मानक के अनुसार हो। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की विश्वसनीयता को बढ़ाया जाए। जिससे निजी अस्पतालों में प्रसव कराने का लोगों का रुझान कम से कम से हो। उन्होंने आशाओं का भुगतान भी जल्द से जल्द कराने के लिए कहा। कहा कि जनपद के सभी सरकारी प्रसव केंद्रों का निरीक्षण करें।
आरबीएसके, एनबीसीपी, पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम, एमडीआर/ एक्सडीआर, राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, इन्फैक्शन प्रीरीवेशन ट्रैनिंग आदि सभी विन्दुओं पर समीक्षा की। कहा कि टीकाकरण कार्य में लापरवाही नहीं बरती जाए। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल, जिला मलेरिया अधिकारी आशुतोष, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रभा रानी एवं डाॅ. मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।