बच्चों में एंडीबॉडी का पता लगाने की तैयारी
बिजनौर। जिले में कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विशेषज्ञों ने 17 साल तक के बच्चों पर अधिक असर पड़ने की बात कही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी 11 विकास खंडों में 184 बच्चों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज मेरठ भेजे हैं। इससे पहले 18 साल से ऊपर के 747 पुरुष एवं महिलाओं के भी सैंपल लिए गए थे।
मानव के शरीर में एंटी बॉडीज का पता लगाने के लिए सामान्य अथवा कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक हुए लोगों के रक्त के नमूने लिए जाते हैं। इसका मकसद ये है कि कोरोना संक्रमण की आने वाली तीसरी लहर के खतरे से बचा जा सके। कोरोना की दूसरी लहर पहले से कई गुना अधिक खतरनाक साबित हुई। इस दौरान लोगों के फेफड़ों पर सीधे अटैक हुआ, जिससे जनपद में लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ता गया। जिला प्रशासन चाहकर भी कुछ नहीं कर पाया। अब इसका प्रहार थोड़ा थम कम हुआ है। शासन के निर्देश पर तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक से 17 साल तक के 184 बच्चों के ब्लड सैंपल लेकर भेजे हैं, जिससे भविष्य में आने वाली परेशानियों से बचा जा सके।
नोडल अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि जिले में कुल 31 प्राइमरी सैंपलिंग यूनिट (पीएसयू) के माध्यम से यह सैंपलिंग की गई। लखनऊ मुख्यालय से एक से 17 साल तक के 148 बच्चों की सैंपलिंग करने के निर्देश प्राप्त हुए थे। जिले के सभी 11 ब्लॉक में टीम ने कुल 184 बच्चों की सैंपलिंग की गई। उन्होंने बताया कि इन बच्चों के सैंपल इसलिए लिए गए हैं, जिससे पता चल सके कि आखिर इनमें एंटी बॉडीज बनीं या नहीं। कभी कभी ऐसा होता है कि कुछ लोगों को कोरोना होकर निकल जाता है और उन्हें पता ही नहीं चल पाता।
पिछले साल 13 अप्रैल को मिला था पहला केस
जिले में सबसे पहला कोरोना संक्रमित मरीज 13 अप्रैल 2020 को मिला था। यह मरीज स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव मेवा नवादा निवासी दूधिया था, जो दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन मरकज में हुए जलसे में शामिल होकर लौटा था। कोरोना की पहली लहर में 31 मार्च 2021 तक कुल 4488 मरीज ही कोरोना संक्रमित हुए थे। उस दौरान मौत का आंकड़ा केवल 65 ही था। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पहली से कई गुना अधिक खतरनाक रही। दूसरी लहर में लगभग दस हजार से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आए। इस बार 31 मई तक कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 14 हजार 557 पर पहुंच गई थी। चार जुलाई तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 14 हजार 712 हो चुकी है। इनमें से ठीक होने वालों की स्थिति भी काफी अच्छी है। अब तक करीब 14 हजार 598 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। मौतों का आंकड़ा 108 पर पहुंच गया है। हालांकि अब जिले में कुल सक्रिय केस मात्र छह ही रह गए हैं।