बिजनौर। जिले में पर्यटन और व्यापार को नई गति देने के लिए बिजनौर मुख्यालय को अमानगढ़ टाइगर रिजर्व से सीधे जोड़ने की तैयारी चल रही है। उद्यमी इस परियोजना को लेकर बेहतर कनेक्टिविटी बनाने पर जोर दे रहे हैं। उद्यमियों ने प्रशासन के सामने भी यह मुद्दा उठाया।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के आसपास कई विकास परियोजनाओं की तैयारी चल रही है। आईआईए के डिविजनल अध्यक्ष विकास अग्रवाल ने बताया कि मुख्यालय से सीधा संपर्क स्थापित होने से केवल पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। साथ ही स्थानीय व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भी नए अवसर मिलेंगे। खासतौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर को इससे मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके लिए उद्यमियों ने गंगा टाइगर हेरिटेज सर्किट विकसित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय से गंगा बैराज, हैदरपुर वेटलैंड, कण्व ऋषि आश्रम, विदुर कुटी, हल्दौर, नहटौर, धामपुर होते हुए अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, कालागढ़ तक नियमित बस चलाने की मांग रखी। इस प्रस्ताव पर डीएम ने संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। अवनीश अग्रवाल ने कहा कि परिवहन सुविधा मिलने से उत्पादों की आवाजाही आसान होगी और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। साथ ही आमनगढ़ क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सेवा क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसी माह सेंसेटिव जोन पर लग सकती है मुहर
वन विभाग ने अमानगढ़ की सीमा से करीब एक किमी बाहर के दायरे को सेंसेटिव जोन में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था। वन विभाग के अफसरों की माने तो इसी माह थोड़े बहुत बदलाव के साथ यह प्रस्ताव पास हो सकता है। डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि भारत सरकार में यह प्रस्ताव विचाराधीन है। इस प्रस्ताव पर मुहर के बाद इसके दायरे से बाहर रिजॉर्ट, कैफेटेरिया आदि बनाए जा सकेंगे।