बिजनौर में अब डायलिसिस रोगियों को उपचार कराने के लिए जिले से बाहर जाने की जरूर नहीं है। जिला अस्पताल में डायलिसिस विंग बनने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन की ओर से डायलिसिस विंग के लिए जिला अस्पताल प्रशासन से भूमि मांगी गई, जो चिह्नित कर ली गई है। डायलिसिस विंग बनने से गुर्दे के मरीजों को फायदा मिलेगा।
सरकार ने प्रदेश के कई जिलों में डायलिसिस विंग बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शासन द्वारा जिला संयुक्त चिकित्सायल से डायलिसिस विंग के लिए दो हजार स्क्वायर फीट जमीन मांगी है, जो जिला अस्पताल प्रशासन ने पुरानी इमरजेंसी विंग पर चिह्नित कर ली है। अभी तक जिले के किसी भी प्राइवेट व सरकारी हॉस्पिटल में डायलिसिस की सुविधा नहीं थी। डायलिसिस विंग बनने से डायलिसिस के लिए मरीजों को जिले से बाहर नहीं जाना होगा।
उधर, सीएमएस डा.राकेश कुमार दुबे ने बताया कि डायलिसिस विंग के लिए शासन ने दो हजार स्क्वायर फीट भूमि मांगी थी, जो चिह्नित कर ली गई है। डायलिसिस विंग की बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जल्द ही अस्पताल में रोगियों के डायलिसिस सुविधा उपलब्ध की जाएगी।
डायलिसिस विंग पुरानी इमरजेंसी विंग के ऊपर बनेगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने दो हजार स्क्वायर फीट जगह चिह्नित कर ली है। तैयारी शुरू कर दी गई है।