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Bijnor News: बिजनौर - बाजार में आलू के भाव नरम, समोसा अब भी गरम

Fri, 17 Mar 2023 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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- किसान शीतगृहों में कम रख रहे आलू, लागत भी हाथ में नहीं
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- जनपद में 1980 हेक्टेयर क्षेत्रफल में हुई थी आलू की बुवाई
-फोटो-12,13
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गन्ना मूल्य का समय से भुगतान नहीं होने पर कुछ किसानों ने अन्य फसलों की ओर रुख किया। वहां भी आलू की फसल का बाजार में उचित दाम नहीं मिलने से किसान सिर पकड़कर बैठ गए। जबकि आलू से बनने वाले खाद्य पदार्थ जैसे समोसे, पकौड़ी के भाव अब भी पहले जितने ही हैं। इनके मूल्यों में कोई गिरावट नहीं आई। किसान भविष्य में भी मूल्य ज्यादा न बढ़ने की आशंका के चलते आलू को शीतगृहों में कम ही रख रहे हैं।
जनपद में 1980 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई हुई। मौसम का साथ रहा तो अच्छा उत्पादन भी हुआ। हालत यह है कि पांच रुपये किलो में आलू बिक रहा है। आगे भी अच्छे भाव न मिलने की उम्मीद से किसान आलू को शीतगृहों में रखने से बच रहे हैं। आलू के दामों में गिरावट आने से किसानों को उनकी फसल की लागत का दाम तक नहीं मिलने से बेहद परेशान हैं।
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किसान मास्टर विजयपाल सिंह, धर्मवीर सिंह का कहना है कि वर्तमान में आलू का मूल्य कम है। उन्हें विश्वास नहीं कि आगे आलू के दाम बहुत अच्छे हो जाएंगे। इसलिए वह अभी बेच रहे हैं। आलू के सही दाम नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। अफसरों के अनुसार शीतगृहों में शुगर फ्री आलू 240 रुपये प्रति क्विंटल तथा सामान्य प्रजाति 220 रुपये प्रति क्विंटल के किराए पर छह माह के लिए रखा जा रहा है।

आलू की ढुलाई के लिए मिलेगा सहारा
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि किसानों को स्थानीय बाजार में आलू के दाम अच्छे नहीं मिल रहे हैं। यदि किसान अच्छे भाव के लिए दूर की मंडी में जाएं, तो आलू की ढुलाई में लगे वाहन में आने वाले तेल खर्च में 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा।

बोले किसान
वर्तमान को देखते हुए आने वाले समय में आलू के दामों में उछाल की उम्मीद कम है। थोड़े क्षेत्रफल में आलू की बुवाई की थी। शीतग्रहों में रखने का किराये का और बोझ पड़ेगा। कम मूल्य मिलने पर आलू की फसल में लगी लागत भी नहीं निकली है - मनव्वर, झालू
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इस बार 35 बीघा जमीन में आलू की बुवाई की। बुवाई व लागत में करीब साढ़े चार लाख रुपये खर्च हुए। फसल बाजार को चली तो दाम जमीन पर आ गए। सही दाम नहीं मिलने से काफी आर्थिक हानि पहुंची है - बिट्टन
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