बिजनौर में बेसिक शिक्षा विभाग में बिना स्कूल जाए ही तनख्वाह पाने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं होगी। उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहपुर भसौड़ी की घटना ने विभाग की नींद तोड़ दी है। स्कूल नहीं जाने वाले शिक्षकों पर निगरानी के आदेश दिए गए हैं, ताकि ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
विकास क्षेत्र कोतवाली देहात की शिक्षिका आभा जैन के आगरा में हुए अंतर जनपदीय तबादले में चार साल तक शिक्षिका के स्कूल नहीं जाने की पोल खुली थी, पर शिक्षा विभाग द्वारा आनन फानन में घटना पर पर्दा डाल कर शिक्षिका को रिलीव कर दिया था। अब विकास क्षेत्र जलीलपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहपुर भसौड़ी में शिक्षिका अनीता के स्कूल नहीं जाने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम प्रधान राजेश्वरी सहित कई ग्रामीणों ने शुक्रवार को बीएसए व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायती पत्र देकर शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पत्र में पति पत्नी दोनों एक ही विद्यालय में हैं। मामले का खुलासा होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद भी टूट गई।
शिक्षा विभाग इसकी जांच पड़ताल में जुट गया है। सूत्रों का कहना है ब्लॉक कोतवाली देहात, अफजलगढ़, जलीलपुर व नहटौर ब्लॉक में दो दर्जन से भी अधिक शिक्षक सेटिंग गेटिंग के चलते स्कूल नहीं जाते हैं। कई स्थानों पर संकुल प्रभारी भी इनसे हमसाज बताए जाते हैं। बीएसए महेश चंद्र ने स्कूल नहीं जाने वाले शिक्षकों को चिह्नित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।