बिजनौर। जिले में चल रही राजनैतिक गुटबाजी की आंच जिला पंचायत तक आ पहुंची है। मुद्दा बना है, अभियंता को चार्ज नहीं देने का मामला। इस मसले में अपर मुख्य अधिकारी को शासन निलंबित कर चुका है। अवकाश पर रहने के बाद भी एएमए पर यह गाज गिरी है।
जिला पंचायत के अभियंता का तबादल हाथरस के लिए हो गया था। उनकी जगह पर तिलकराज उपाध्याय को बिजनौर भेजा गया। मगर, नाटकीय घटनाक्रम में बीच तिलकराज उपाध्याय ने अभियंता के पद पर बिजनौर में कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष के विरोधी गुट ने यह मामला लखनऊ तक पहुंचा दिया। बताया गया कि तिलकराज उपाध्याय को कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जा रहा है। कार्यभार ग्रहण नहीं कराने पर शासन ने एएमए विकास मिश्रा को निलंबित करते हुए लखनऊ अटैच कर दिया। हालांकि विकास मिश्रा पांच अगस्त से पंद्रह अगस्त तक अवकाश पर थे। उनके अवकाश के दिनों में ही यह पूरा मामला हुआ।
उधर निलंबन की इस कार्रवाई को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि एक गुट जिला पंचायत में अपने चहेते अधिकारियों को पद पर रखना चाहता है।
इस मामले में अब मैं कुछ कह नहीं सकता है। क्योंकि मेरा निलंबन हो चुका है। इस पूरे मामले के दौरान मैं अवकाश पर था। ...विकास मिश्रा, पूर्व एएमए