बिजनौर। सीजेएम महेशानंद झा के विधायक रुचि वीरा के पति व जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रत्याशी उदयनवीरा के मकान से अपहृत दो जिला पंचायत सदस्यों डा.विकास व कल्पना सिंह को बरामद करने के लिए सर्च वारंट जारी करने के बाद पुलिस ने गांव धर्मनगरी को छावनी में तब्दील कर दिया। उदयन वीरा के घर के चप्पे चप्पे की तलाशी ली गई, पर वहां कुछ नहीं मिला। पुलिस के सर्च अभियान से ग्रामीणों में खलबली मची रही। विधायक के आवास पर इस दौरान ग्रामीण व उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमी रही। पुलिस ने सर्च अभियान में मकान के साथ पशुशाला व खेतों तक को खंगाल डाला।
सीजेएम का आदेश मिलने के बाद पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती हुई धर्मनगरी की ओर दौड़ पड़ी। 50 से ज्यादा पुलिस की गाड़ियों ने धर्मनगरी पर धावा बोल दिया। गांव में पुलिस की गाड़ियां देख हलचल मच गई। विधायक के आवास पर पुलिस पहुंच, पर अंदर मौजूद कर्मचारियों ने गेट नहीं खोला।
गेट के अंदर से विधायक के समर्थक मोर्चा संभाले हुए थे। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली के अपने साथी वकीलों के पहुंचने पर विधायक के आवास का गेट खोला गया। सीओ धामपुर अशोक कुमार यादव, कोतवाल धामपुर रविंद्र प्रताप सिंह, एसओ नहटौर चंद्रकांत यादव, महिला थाने की एसओ शैलेश समेत कई पुलिस कर्मी अंदर गए व विधायक के मकान की चप्पे चप्पे की तलाशी ली। दो घंटे से ज्यादा तक चले सर्च अभियान में पुलिस ने पूरा घर खंगाल डाला। कोई जगह नहीं छोड़ी।
पुलिस के सर्च अभियान के दौरान पुलिस के अलावा किसी और को अंदर नहीं जाने दिया गया। पूरा घर खंगालने के बाद पुलिस ने खेतों का इलाका व पशुशाला तक खंगाल डाली। थोड़ी देर बाद एसपी सिटी कल्पना सक्सेना व एसपी देहात डा.धर्मवीर सिंह भी विधायक के आवास के अंदर पहुंचे। इन दोनों अफसरों की अगुवाई में सर्च अभियान तेजी के साथ चला। पुलिस की टीम ने एक एक कमरे की तलाशी, लेकिन उन्हें कहीं भी जिला पंचायत सदस्य डा.विकास और कल्पना सिंह नहीं मिले।
सर्च अभियान के दौरान आवास का मुख्य गेट बंद रहा। गेट के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात रही। सर्च अभियान के चलते शाम करीब साढ़े छह बजे नूरपुर के भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान भी रूचि वीरा के आवास पर पहुंचे। पौने आठ बजे के करीब सर्च अभियान पूरा करके पुलिस धर्मनगरी से लौट आई।
इस दौरान शिवसेना जिला प्रमुख वीर सिंह, नगीना चेयरमैन शेख खलीलुर्रहमान, मुनिदेव शर्मा, रजनीश अग्रवाल, मुनीश त्यागी, सौरभ सिंघल, शाकिर खां, प्रमोद प्रधान आदि मौजूद रहे।
एक बार से ज्यादा नहीं होगी तलाशी:कोर्ट
बिजनौर। जिला पंचायत के सदस्यों डा.विकास और कल्पना के अपहरण के मामले में धामपुर और नहटौर पुलिस द्वारा अध्यक्ष पद प्रत्याशी व सपा विधायक रुचिवीरा के पति उदयन वीरा के घर की तलाशी के लिए सीजेएम महेशानंद झा ने सर्च वारंट जारी किया है और कहा कि एक बार से ज्यादा नहीं ली जाएगी तलाशी। उन्होंने गिरफ्तारी वारंट जारी कराने के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। डा.विकास के अपहरण की धामपुर थाने में उसके पिता हरिओम की ओर से पूर्व सांसद यशवीर सिंह, विधायक रूचिवीरा के पति व जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी उदयन वीरा, कादराबाद निवासी रणवीर तथा धामपुर निवासी सपा नेता आसिफ कादरी के खिलाफ अपहरण और एससी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वहीं नहटौर थाने में गांव सराय काजीयान निवासी जिला पंचायत सदस्य कल्पना सिंह के पति धर्मेंद्र सिंह की ओर से सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जमील अहमद अंसारी व गांव टूंगरी निवासी महफूज अहमद के खिलाफ कल्पना के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने उदयन वीरा की गिरफ्तारी व उनके धर्मनगरी स्थित आवास की तलाशी के वारंट के लिए सीजेएम महेशानंद झा की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। सीजेएम महेशानंद झा ने उदयनवीरा की गिरफ्तारी के लिए वारंट दिए जाने का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। उन्होंने उदयनवीरा के धर्मनगरी स्थित आवास की एक बार तलाशी के लिए सर्च वारंट जारी किया है।
कोर्ट के दूसरे आदेश ने डाली जान
सर्च अभियान के दौरान सीजेएम की ओर से किए गए दूसरे आदेश ने विधायक समर्थकों में जान डाल दी। जिला बार अध्यक्ष एसके बबली के मुताबिक सीजेएम ने दूसरे आदेश में कहा कि सर्च अभियान में पुलिस के साथ अधिवक्ता एसके बबली भी मौजूद रहेंगे। पूरे सर्च अभियान में वह शामिल रहेंगे। एसके बबली कोर्ट का आदेश लेकर जब विधायक के आवास पर पहुंचे, तभी पुलिस की उनके साथ विधायक के आवास पर एंट्री हुई। वरना इससे पहले पुलिस के लिए गेट तक नहीं खोला जा रहा था। पुलिस विधायक के घर के आसपास सड़क व छतों पर जमा भीड़ को खदेड़ने में लगी थी।
एडीएम, एसडीएम बाहर रखे थे निगाह
सर्च अभियान लगभग सवा पांच बजे शुरू हुआ। अभियान के दौरान एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्र व एसडीएम सदर अजय तिवारी विधायक के आवास के बाहर डटे रहे। दोनों अफसरों की गाड़ियां आवास के दोनों ओर घूमकर आवास पर नजर रखे रही। दोनों अफसर यह देखने में लगे रहे कि अपहृत दोनों सदस्य कहीं आवास के बाहर के क्षेत्र में तो नहीं छिपे हैं।
विधायक की गैर मौजूदगी में चला अभियान
सर्च अभियान के दौरान विधायक रूचि वीरा अपने आवास पर नहीं थी। उनके पति उदयन वीरा आवास पर थे। विधायक की गैर मौजूदगी में ही पूरा सर्च अभियान चला।
बेखौफ होकर घूमते रहे जिला पंचायत सदस्य
विधायक के आवास पर अपहृत दो सदस्यों के अलावा उनके पाले में आए बाकी जिला पंचायत सदस्य बेखौफ होकर वहां घूमते रहे। इन सदस्यों को किसी ने कुछ नहीं कहा। महिला सदस्य जहां आवास के अंदर रहीं, वहीं पुरुष सदस्य विधायक के समर्थकों में घुले मिले रहे।
गांव में नहीं घुसने दिए वाहन
सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने बाहर से आने वाले वाहनों को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। गांव के रास्ते में ही पुलिस लगा दी गई थी। एसओ कोतवाली देहात आरके सिंह की अगुवाई में लगी पुलिस गांव में जाने वाले सभी वाहनों को रोक रही थी। वाहनों में देखा जा रहा था कि किसी के पास कोई असलाह तो नहीं है। विधायक के आवास से रास्ते तक गांव में पुलिस ही पुलिस नजर आ रही थी।
दूर तक सड़क किनारे पुलिस की गाड़ियां खड़ी थीं।