- तीन नामजद सहित छह के खिलाफ दर्ज हुआ हत्या का मामला
- आठ से दस युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही पुलिस
- बिजनौर बैराज पर हुआ आशु अहलावत के शव का अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आशु अहलावत हत्याकांड में तीन नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उधर, पुलिस नामजद हत्यारोपियों के घर बुलडोजर लेकर पहुंच गई। आठ से दस युवकों को हिरासत में भी लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, मृतक का अंतिम संस्कार बिजनौर बैराज पर गमगीन माहौल में हुआ।
नहटौर के गांव मीमला और हाल निवासी कुटिया कॉलोनी के रहने वाले आशु के पिता नीरज की तहरीर के आधार पर पुलिस ने बबले पुत्र घसीटा, भतीजे आलोक पुत्र लोकेंद्र, दीपांशु पुत्र रुपचंद निवासीगण आदमपुर को नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बताया कि उसका बेटा आशु अहलावत बुधवार की शाम घर पर मौजूद था। तभी अंगाखेड़ी के रहने वाले रिकांशू का फोन आने पर आशु अपनी बुलट बाइक से नगीना मार्ग पर आईटीआई के सामने पहुंचा।
यहां बाइकों पर सवार होकर आए आरोपियों ने आशु अहलावत, उसके साथी रिकांशू और भव्य उर्फ हैप्पी के साथ गाली गलौज की। दिपांशु और उसके अज्ञात साथी ने आशु को पकड़ लिया। बबले और आलोक राठी ने तमंचे से उसेे गोली मार दी। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने आशु को मृत घोषित कर दिया। हमले में हैप्पी भी घायल हुआ।
रात में हुआ पोस्टमार्टम, लगी थी एक गोली
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रात में ही आशु के शव का पोस्टमार्टम कराया। आशु की कनपटी में सटाकर गोली मारी गई थी, जो आर पार निकल गई थी। पोस्टमार्टम में एक गोली लगने की पुष्टि हुई है। उधर, बृहस्पतिवार की सुबह शव का बिजनौर बैराज पर अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस बल भी बैराज पर मौजूद रहा।
हत्या से पहले हुआ था दोनों गुटों में झगड़ा
पुलिस के मुताबिक मृतक आशु के दोस्तों और आरोपी पक्ष के युवकों के बीच वर्धमान कॉलेज के सामने बुधवार की शाम छह बजे झगड़ा हुआ था। दो बार झगड़ा हुआ। मारपीट का बदला लेने के लिए ही आईटीआई कॉलेज के सामने फिर से दोनों गुट जमा हो गए थे। फोन करके दोनों ही गुटों ने इससे पहले एक दूसरे को धमकाया था।
सीसीटीवी फुटेज में नजर आए आरोपी
हत्याकांड के बाद आरोपी युवक पैदल ही भाग निकले थे। सभी सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हैं। युवक आईटीआई कॉलेज की दीवार फांदकर अंदर घुस गए थे। कॉलेज के मैदान को पार करते हुए फरार हो गए।
इकलौते बेटे की हत्या पर नहीं थम रहे आंसू
आशु अहलावत अपने घर का इकलौता चिराग था। वह दिल्ली में रहकर कोचिंग कर रहा था। करीब डेढ़ महीना पहले वह दिल्ली से घर आया था। जिम में वेटलिफ्टिंग करने लगा। हालांकि अब फिर से वह दिल्ली जाने की तैयारी में था। पिता नीरज बिजनौर में रहकर प्रॉपर्टी का काम करते हैं। इकलौते बेटे की मौत से परिवार वालों के आंसू नहीं थम रहे हैं।