25 दिन टरकाती रही पुलिस, 26 वें दिन मिला शव
मंडावर। 26 दिनों तक लापता रहने वाले युवक का शव जंगल में बरामद हुआ, जिसकी हत्या की गई थी। इस मामले में युवक के लापता होने के पांच दिन बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई और इसके बाद 21 दिनों तक मंडावर पुलिस पीड़ितों को टरकाती रही। आरोप है कि पुलिस कहती रही लापता होने वाला शराबी है, कहीं पड़ा होगा। पुलिस ने उसे ढूंढना गंवारा नहीं समझा। 26 वें दिन जंगल में युवक का शव मिला।
ग्राम शादीपुर निवासी रविंद्र पुत्र जगत सिंह तीन अगस्त को घर से लापता हुआ। परिजनों ने पुलिस को तीन तारीख को तहरीर दी, लेकिन आठ तारीख को गुमशुदगी दर्ज की। 29 अगस्त को रविंद्र का शव जंगल से बरामद हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि वे पुलिस के पास रोज आते रहे, लेकिन थाने में उनकी एक नहीं सुनी गई। युवक की बहन का आरोप है कि पुलिस कहती थी कि तुम्हारा भाई शराबी है वह कहीं शराब पीकर पड़ा होगा। 28 दिनों तक पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और तहरीर पर काम नहीं किया। अगर पुलिस सतर्कता से कार्य करती तो उसके भाई की हत्या नहीं होती।
बता दें कि पुलिस की लापरवाही का ऐसा ही मामला उमंग हत्याकांड में भी सामने आया था। ग्राम मोजमपुर सुजान निवासी उमंग पुत्र दिनेश कुमार 13 मई को घर से गायब हुआ। 14 मई को पुलिस को तहरीर मिली, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। उमंग के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस को तहरीर देकर बताया गया कि मेरे पुत्र को ग्राम प्रधान का पति गांव से उठाकर अपनी गाड़ी में ले गया है और उसने हत्या कर दी है। बाद में दबाव बढ़ा तो प्रधान को गिरफ्तार किया गया था। 18 मई को गंगा से शव बरामद कर हत्याकांड का खुलासा किया। कार्यवाहक थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने बताया कि आठ अगस्त को ही गुमशुदगी दर्ज कर ली थी, 29 अगस्त को शव मिला हैै, इस मामले में एक आरोपी को जेल भेज दिया गया है। लापरवाही के आरोप निराधार हैं। एसपी दिनेश सिंह का कहना है कि युवक की तलाश की जा रही थी।