बिजनौर में गांव पेद्दा में पुलिस के सामने गोलीबारी होती रही और पुलिस बेबस देखती रही। गजब तो यह रहा कि पुलिस हवाई फायरिंग तक नहीं दे पाई। पुलिसकर्मी गोलीबारी के बीच अपना वाहन छोड़कर भाग गए। यही वजह रही कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी आराम से भाग गए। बाद में गांव में पहुंची पुलिस हाथ मलती रह गई। गांव पेद्दा में शुक्रवार को हुई घटना के दौरान सूचना मिलने पर शहर कोतवाली में तैनात दरोगा अनुराग चौधरी, सिपाही रविंद्र व एक होमगार्ड के साथ कार से गांव में पहुंच गए। गांव में उस समय मारकाट का खेल खुलेआम हो रहा था। गांव में पहुंची पुलिस बेबस बनकर सारे नजारे को देखती रही। पुलिस ने किसी को रोकने की कोशिश नहीं की। यहां तक कि पुलिस ने हवाई फायरिंग तक नहीं दिया। कातिल खूनी खेल खेलते रहे। गोलीबारी के दौरान ही पुलिस वाले अपनी गाड़ी छोड़कर भाग खड़े हुए। गोलीबारी के बाद आरोपियों ने दूसरे पक्ष के घरों में घुसकर मारपीट और दुकान में आगजनी की। अगर पुलिसवाले मौके पर रुके रहते तो हमलावरों के हौसले इतने बुलंद न होते। पुलिस अपनी जिम्मेदारी का पूरे ढंग से निर्वहन नहीं कर पाई। गांव में जब बाकी पुलिस पहुंची तो हमलावर आराम से निकल गए। पुलिस के निकम्मेपन की तो तब हद हो गई जब एक आरोपी पुलिस के सामने ही 50 कदम की दूरी से बाइक से भाग निकला। पूरी घटना में पुलिस के रोल को देखकर लगा कि पुलिस अपनी ड्यूटी की पूरी तरह से जिम्मेदारी नहीं निभा पाई।