- 5409 नवजात पिछले साल जन्म के समय मिले कुपोषित
- गर्भावस्था में मां को सही पोषण नहीं मिलने से बच्चों पर पड़ रहा असर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पिज्जा बर्गर का चलन अब शहर तक ही सीमित नहीं रह गया है। गांवों में निवास करने वाले लोग भी इसका खूब सेवन कर रहे हैं। जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। गर्भावस्था में पिज्जा-बर्गर ज्यादा खाने का ही नतीजा है कि जन्म के समय नवजात कुपोषित हो रहे हैं। पिछले एक साल में बिजनौर में 5409 नवजात कुपोषित मिले हैं।
कुपोषण से दूर रखने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। शिविर लगाकर महिलाओं को कुपोषण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। मगर अज्ञानता और सही पोषण की जानकारी नहीं होने से महिलाएं कुपोषण का शिकार हो रही हैं। गर्भावस्था में पोषण युक्त भोजन करना चाहिए। मगर आज के दौर में महिलाएं पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन इन सब चीजों का ज्यादा सेवन कर रही हैं। इन सब चीजों से शरीर को पोषण नहीं मिलता, जबकि पेट भर जाता है।
पोषण नहीं मिलने से शरीर में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम आदि की कमी हो जाती है। यही कारण है कि बिजनौर में सत्र 2022-23 में 73,191 प्रसव हुए। जिनमें से 5,409 नवजात कुपोषित पाए गए। सत्र 2023-24 में अब तक 8,972 प्रसव हुए। जिनमें से 470 नवजात कुपोषित मिले। इन बच्चों में दो किलो से भी कम वजन मिला।
6.4 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में कम मिला हीमोग्लोबिन
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सत्र 2022-23 में 1,15,998 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कराया गया। जिनमें से 7362 गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन सात से कम मिला है। जिससे गर्भवती महिलाएं एनीमिया का शिकार हुई। जिसके चलते पिछले साल 6.4 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम मिला है। इस साल अप्रैल से अब तक 15491 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हुआ। इनमें से 292 गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम मिला।
साल 2022-23 में हुए प्रसव-
प्रसव का स्थान- प्रसव
सरकारी अस्पताल- 20892
निजी अस्पताल- 47931
घर पर प्रसव- 3306
एएनएम- 1062
नोट:आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।
गर्भवती महिलाएं इन चीजों का सेवन करें
- गुड़, चने का सेवन करें
- हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें
- ताजे फलों का सेवन करें
- प्रोटीन से भरपूर भोजन लें
- साबुत अनाज, दाल, मेवे का सेवन करें
- दूध, दही, पनीर का सेवन करें
- पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करें
- फोलिक एसिड युक्त आहार लें
- समय-समय पर जांच कराएं
वर्जन::
गर्भावस्था में मां जिन पदार्थों का सेवन करती है, उसका सीधा असर बच्चे के विकास पर पड़ता है। बिना पोषण युक्त भोजन खाने से शरीर कमजोर हो जाता है। साथ ही बच्चा कुपोषित पैदा होता है। इसलिए घर पर बनी चीजों और पौष्टिक आहार का ही सेवन करें। जिससे गर्भावस्था में सही पोषण मिले। गर्भावस्था में पिज्जा, बर्गर जैसी चीजें खाना ठीक नहीं है - डॉ. प्रभा रानी, महिला रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल
जिले में गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने के लिए जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महिलाओं को गर्भावस्था में पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही उनके गलत खानपान का बच्चे पर क्या असर पड़ेगा, इसकी जानकारी भी दी जा रही है। काफी हद तक बच्चों को कुपोषण से दूर किया जा रहा है - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी