- जोगीरम्पुरी दरगाह के दूसरे दिन मातमी जुलूस के साथ जारी रही मजलिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। जोगीरम्पुरी दरगाह की सालाना मजलिसों में कर्बला के शहीदों के जिक्र से मातमी माहौल रहा। अंजुमन दायरतुल अजा भनेड़ा से कई अंजुमन ने जुलूस और नोहा ख्वानी के मातमी आयोजन किए। मातमी मजलिसों में जायरीनों ने नम आंखों से वाकयाते कर्बला सुनकर सीनाजनी की।
नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में मौला-ए-कायनात के सीरत और किरदार को बयां करने वाली मातमी मजलिसों का दूसरे दिन भी दौर जारी है। शुक्रवार को मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कुर्तुल ऐन मुजतबा ने कहा कि जो लोग अपनी जिम्मेदारियों और एहसान को बयां करते हैं। उनका कद छोटा हो जाता है। उन्होंने दूसरे के द्वारा किए गए एहसान का बदला चुकाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी। मजलिस को खिताब करते हुए सांखनी बुलंदशहर से आए मौलाना मिर्जा मुनाजिर, मौलाना शब्बर अली नौगांवी, सय्यद मुजफ्फर हुसैन, मौलाना तसनीम मेहदी, मौलाना अथर कासमी मेरठी सहित शिया विद्वानों ने दीन, ईमान और इस्लाम को जिंदा रखने के लिए दी गई कुर्बानियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि कर्बला की जंग ने दुनिया को जुल्म के आगे न झुकने का पैगाम दिया है। जुल्म को दबाने, इस्लाम और इंसानियत को कायम रखने के लिए हजरत इमाम हुसैन और उनके जांबाज साथियों ने कुर्बानियां दी।
अंजुमन दायरतुल अजा ने बरामद किया मातमी जुलूस
दरगाह परिसर में मातमी जुलूस और नोहा ख्वानी से वातावरण गमगीन रहा। नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मजलिसों के साथ अंजुमन शादाए हुसैनी ने नोहा और मर्सिया ख्वानी की। भनेड़ा से आई अंजुमन दायरतुल अजा ने सदर मोअज्जिज अब्बास शब्लू, गजनफर अली, दयान अब्बास के नेतृत्व में मातमी जुलूस जुलजना बरामद किया। नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी से दरगाह परिसर का वातावरण गमगीन रहा। दरगाह परिसर में मातमी आयोजन के लिए कई अंजुमन पहुंची हैं। कुछ अंजुमनों द्वारा वाकयाते कर्बला तथा अन्य मातमी मंजर सजाए गए हैं।