सब्सिडी से किया जाएगा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान
बिजनौर। केंद्र सरकार ने विदेशों को चीनी निर्यात करने पर दी जाने वाली सब्सिडी चीनी मिलों को जारी कर दी है। बिजनौर की मिलों को भी 139 करोड़ से अधिक की सब्सिडी मिल गई है। इसके अलावा बफर स्टॉक व लोन की भी सब्सिडी मिली है। कुल 150 करोड़ रुपये मिलों को मिले हैं। सब्सिडी से किसानों का भुगतान किया जाएगा।
पिछले तीन साल से गन्ने की पैदावार और रकबा बहुत बढ़ गया है। इससे चीनी का उत्पादन भी काफी अधिक हो रहा है। बाजार में जितनी चीनी जाती है दाम भी उतने ही कम रहते हैं। चीनी की बाजार में आवक कम करने के लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। गन्ने के रस से बी हैवी शीरा बनाया जा रहा है। इससे चीनी का उत्पादन करीब 15 प्रतिशत तक कम होता है। इसके अलावा विदेशों में भी चीनी निर्यात की जा रही है। विदेशों में जाने वाली चीनी पर सरकार ने इस साल करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की थी। विदेशों पर चीनी कम दाम पर बिकती है। नुकसान की भरपाई के लिए सरकार मिलों को यह सब्सिडी देती है। सरकार द्वारा आमतौर पर सब्सिडी जारी करने में काफी वक्त लग जाता है, लेकिन इस बार जून में ही मिलों को सब्सिडी जारी कर दी गई है। जिले की मिलों की 139 करोड़ की सब्सिडी सरकार पर बकाया थी। यह सब्सिडी सोमवार को मिलों को जारी कर दी गई है। सरकार ने दो साल पहले चीनी को बाजार में जाने से रोकने के लिए बफर स्टॉक को मिलों के गोदाम में भी रखवाया था। इसमें मिलों को मेंटेनेंस आदि में भी खर्च करना पड़ा था।
मिलों को मिली सब्सिडी की स्थिति
चीनी मिल निर्यात सब्सिडी बफर सब्सिडी
धामपुर 28.46 1.44
स्योहारा 29.75 3.18
बिलाई 00 00
बहादरपुर 15.42 00
बरकातपुर 15.34 1.20
बुंदकी 16.07 00
चांदपुर 15.63 2.27
बिजनौर 7.92 0.97
नजीबाबाद 10.51 2.38
कुल 139.13 11.46
नोट: (सब्सिडी करोड़ रुपये में है।)
भुगतान में फिसड्डी मिलों के मालिकों को नोटिस किए जारी
नियम है कि मिल बंद होने के 15 दिन के अंदर मिलों को भुगतान कर देना चाहिए लेकिन मिलों ने अभी तक भुगतान नहीं किया है। बजाज ग्रुप की बिलाई और वेव ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल भुगतान में सबसे फिसड्डी साबित हो रही हैं। बिलाई मिल ने 436 करोड़ और बिजनौर चीनी मिल ने 126 करोड़ का गन्ना खरीदा है। बिजनौर मिल ने अभी 43 प्रतिशत ही भुगतान किया है। बिलाई मिल ने अब तक केवल 34 प्रतिशत ही भुगतान किया है। बिलाई चीनी मिल पर 293 व बिजनौर चीनी मिल पर 72 करोड़ रुपये बकाया है। डीएम उमेश मिश्रा ने भुगतान में पिछड़ने पर सीधे मिल मालिकों को ही नोटिस जारी कर दिया है। बिलाई मिल के चेयरमैन व मालिक कुशाग्र बजाज व बिजनौर चीनी मिल के चेयरमैन व मालिक मनप्रीत सिंह चड्ढा को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि मिलों द्वारा नियम के अनुसार अब तक भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान न होने से किसानों में आक्रोश भी फैल रहा है। किसान आए दिन भुगतान की मांग कर रहे हैं। गन्ना भुगतान में देरी करने पर मिलों का गन्ना क्षेत्र भी काटने की चेतावनी दी है।
दो मिलों ने किया 99 प्रतिशत भुगतान
बीते पेराई सत्र में बहादरपुर चीनी मिल ने 396.75 करोड़ व बुंदकी मिल ने 428.59 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था। इन दोनों मिलों ने करीब 99 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। पूरी संभावना है कि दोनों मिल इस महीने ही शत प्रतिशत भुगतान कर देंगी।
सब्सिडी से होगा भुगतान
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार मिलों से सब्सिडी से भुगतान करने को कहा जा रहा है। मिल अफसरों से भुगतान कर बात की जाएगी।