बसों के लिए यात्री झेल रहे फजीहत
बिजनौर। विधानसभा चुनाव में ड्यूटी कराने गई बसों की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घंटो-घंटो इंतजार करने के बाद भी यात्रियों को सफर में दिक्कत आ रही है। बिजनौर डिपो से मेरठ रूट पर करीब 10 बसें चलाई जा रही हैं, जो पहले के मुकाबले आधी रह गई हैं। इस कारण मेरठ जाने वाले यात्रियों को भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। नजीबाबाद और उत्तराखंड डिपो की बसें भी पहले ही भरी आ रही हैं।
डिपो पर रोजाना भीड़ हो रही है। बस कम होने से यात्री परेशान हैं। डिपो अधिकारी बिजनौर डिपो के अलावा नजीबाबाद और दूसरे प्रदेशों से आने वाली बसों को जोड़कर पर्याप्त बसें चलने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड पर इंतजार करती यात्रियों की भीड़ इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। शाम होते ही डिपो से मेरठ के लिए बसें नहीं मिलती हैं। शाम छह बजे के बाद यात्रियों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ती हैैं।
अधिकारियों का कहना है कि मेरठ और दिल्ली डिपो की बसें काफी संख्या में बिजनौर आ रही हैं, जिसकी वजह से यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है। लेकिन हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। वहीं बिजनौर से मीरापुर तक हाईवे पूरी तरह से टूटा हुआ है, जिसकी वजह से दो घंटे का सफर करीब तीन घंटे में पूरा हो रहा है।
बस न मिलने से परीक्षा में देरी से पहुंच रहे छात्र
मेरठ के लिए बस न मिल पाने के कारण छात्रों को बाइक से जाना पड़ रहा है। डिपो पर बस की कमी यात्रियों पर भारी पड़ रही है। बस न मिलने के चलते छात्रों को परीक्षा में पहुंचने में देरी हो रही है। यह समस्या लगातार सामने आ रही है। वहीं शाम छह बजे के बाद तो डिपो से मेरठ के लिए कोई बस दिखाई ही नहीं देती है।
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जिस रूट पर यात्री, वहां बढ़ा रहे बसें : एआरएम
एआरएम ललित त्रिवेदी ने बताया कि डिपो पर जिस रूट की ज्यादा सवारी होती है, उसी रूट पर बस भेज दी जाती है। मेरठ के लिए दिन में करीब 10 बसें चलाई जा रही हैं। वहीं मेरठ और दिल्ली की बसें भी मेरठ होकर जाती हैं। जिसकी वजह से मेरठ जाने वाले यात्रियों को परेशानी नहीं होती है।