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सादगी और अकीदे के साथ मनाई गई ईद

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सादगी और अकीदे के साथ मनाई गई ईद
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नजीबाबाद/जलालाबाद। ईद-उल-फितर पर्व सादगी के साथ मनाया गया। जामा मस्जिद सहित क्षेत्र की अन्य मस्जिदों में भी मुस्लिमों ने कोरोना कर्फ्यू के दौरान पांच लोगों ने ही ईद की नमाज अदा की, जबकि अन्य लोगों ने घर पर रहकर ईद की नमाज अदा की।
शहर काजी जलालाबाद निवासी काजी अफ्फानुलहक ने कोरोना कफ्यू का पालन करते हुए घर पर ही ईद की नमाज अदा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को आदबी तालीम देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुरान अल्लाह की सबसे बड़ी किताब है जिसने दुनिया को प्यार, मोहब्बत और दीन से जुड़ने का पैगाम दिया। उन्होंने बच्चों को कुरान की तरबियत भी देने की सलाह दी।
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काजी अफ्फानुलहक ने कहा कि इस्लाम में किसी के लिए यह रुकावट नहीं है कि वह इंजीनियर, डॉक्टर या बड़े ओहदों तक पहुंचने के लिए पढ़ाई नहीं कर सकता बस जरूरी है तो दीन और कुरान से जुड़ना जो इंसान दीन और कुरान को गले लगाता है उसकी जिंदगी पाकीजा हो जाती है। शहर काजी मो.अफ्फानुलहक, एसडीएम परमानंद झा, सीओ गजेंद्र पाल सिंह, थाना प्रभारी दिनेश गौड़, एसएसआई राजीव चौधरी ने मुस्लिमों को कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करने की सलाह देते हुए ईद की मुबारकबाद दी।
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उधर, नगर की जामा मस्जिद में पेश इमाम मौलाना ईसा ने कोरोना कर्फ्यू की गाइड लाइन का पालन कराते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पांच लोगों को ही ईद की नमाज अदा कराई। नगर की विभिन्न मस्जिदों सहित साहनपुर, जलालाबाद, नांगलसोती, मंडावली क्षेत्रों में भी कोरोना कर्फ्यू का पालन करते हुए पांच लोगों ने ही ईद की नमाज अदा की। मंडावली ईदगाह में पुलिस की निगरानी में पांच लोगों ने ही ईद की नमाज अदा की।
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