फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आबादी में विषैले सापों के निकलने से दहशत

विज्ञापन
विज्ञापन
आबादी में विषैले सापों के निकलने से दहशत
विज्ञापन

कालागढ़। कालागढ़ की आबादी में एक के बाद एक जहरीले और खतरनाक सांपों के निकलने से दहशत का माहौल है। नई कालोनी में करैत व रसेल वाइपर घरों में से वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर वनों में छोड़े हैं।
कालागढ़ के आबादी क्षेत्रों में मौसम के गर्म होते ही सांपों के निकलना आम हो रहा है। सात दिन में कालागढ़ में एक के बाद एक जहरीले और खतरनाक सांप निकले हैं। सबसे अधिक चिंता की बात तो यहां करैत व रसेल वाइपर के निकलने से हैं। दोनो ही सांप अत्यंत जहरीले हैं। इनके काटने से मृत्यु निश्चित बताई जा रही है। कालागढ़ की नई कालोनी में वन विभाग ने सांपों से बचाव के लिए त्वरित अनुक्रिया दल गठित किया हुआ है।
विज्ञापन

रेस्क्यू दल प्रभारी कुमार दीपक ने बताया कि कॉलोनी में विजेंद्र के निवास से जहरीले वाइपर, केंद्रीय कालोनी में अंशुल बंसल के घर से जल सर्प, अशोक कुमार के निवास से करैत व फास्टेन सांप, संजय माहेश्वरी के यहां से ट्रिंकेट, कालागढ़ वन विश्रामगृह से फोस्टेन कैट सांप, सतीश कुमार के घर से वाल्फ सांप को रेस्क्यू किया गया। सभी ने वन विभाग को सांपों के घर में होने की सूचना दी। जिस पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सांपों को पकड़कर वनों में छोड़ दिया है। सबसे अधिक जहरीले व खतरनाक सांप रसेल वाइपर व करैत हैं। इनके डसने से मृत्यु निश्चित है। गर्मी में यह बिलों से बाहर आ जाते हैं।
सांप को मारने पर अधिनियम में कार्रवाई का प्राविधान
कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती का कहना है कि सांपों के दिखाई देने पर उन्हें या वन विभाग को तत्काल ही सूचना देनी चाहिए। इन्हें मारने पर वन अधिनियम के तहत सजा का प्राविधान है। जुर्माने के साथ छह महीने की सजा हो सकती है। इसलिए इसके संरक्षण में योगदान दें।
विज्ञापन

हेल्पलाइन पर दें सांप की सूचना
वन विभाग की हैल्पलाइन नंबर 9758376873 पर या रेंज अधिकारी व उपखंड कार्यालय को इसकी सूचना दी जा सकती है। डसने पर रोगी को अस्पताल की मदद लेनी चाहिए। झाड़ फूंक खतरनाक साबित हो सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें