रेहड़। गांव फतेहपुरधारा के एक स्कूल के पांचवीं कक्षा के छह छात्र बायोडीजल पौधे की फली के कच्चे दानों को खाने से बेहोश हो गए। स्कूल में छात्रों को बेहाशी की हालत में देख स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रधानाचार्य ने किसी तरह से छात्रों को उनके घर पहुंचवाया।
सभी विद्यार्थियों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना बीईओ को दे दी गई है। बीईओ सुभाषचंद ने स्कूल के प्रबंधन से स्कूल के आसपास खड़े बायोडीजल के पौधों को नष्ट करने के आदेश दिए हैं, जिससे और कोई छात्र इनकी फलियों को खाकर बीमार न हो।
गांव में आदर्श शिक्षा सदन जूनियर हाईस्कूल संचालित है। स्कूल गांव के बाहर है। वहां पर झाड़-झंखाड़ है। इंटरवल में बच्चे स्कूल के बाहर खेलते हैं। शुक्रवार को पांचवीं कक्षा के छात्र गौरव, अभिषेक, मोहित, बिरजेश, रोहित व नितिन कुमार खेल-खेल में बायोडीजल के पौधों की फली खाने लगे।
बताया जाता है कि बायोडीजल की फली के दाने खाने में स्वादिष्ट लगते हैं। बच्चों ने स्वाद के चक्कर में अपेक्षा से ज्यादा फली के दानों को खा लिया। जब बच्चे फली खाकर स्कूल में अपनी कक्षा में पहुंचे तो बेहोश हो गए। उन्हें नींद आने लगी।
बच्चों को बेहोशी की हालत में देख प्रधानाचार्य स्वर्ण सिंह के होश उड़ गए। प्रधानाचार्य ने मामले से बच्चों के परिजनों को अवगत कराया। प्रधानाचार्य ने अन्य स्कूली बच्चों की मदद से बेहोशी की हलत में उनके घर पहुंचवाया। बच्चों को देख परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने सभी बच्चों को गांव के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डाक्टर बलकार सिंह ने बताया कि बच्चों का उपचार किया जा रहा है। वैसे बच्चों की हालत अभी नाजुक बनी हुई है।