ट्रांस प्लांटर मशीन से धान की रोपाई करता मजदूर।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहली बार पैडी ट्रांस प्लांटर मशीन द्वारा कराई जा रही धान की रोपाई का प्रदर्शन कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने किसान शरद कुमार सिंह के खेतों पर पहुंचकर देखा।
कृषि विज्ञान केंन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डा. केके सिंह, डा. नरेंद्र सिंह, डा. बलराज सिंह, डा. एबी सिंह, हरगनपुर के जागरूक किसान शरद कुमार के खेतों पर पहुंचे, जहां हो रही पैडी ट्रांस प्लांटर मशीन द्वारा की जा रही धान की रोपाई को देखा।
इससे पूर्व कृषि वैज्ञानिक की टीम ने धान की तैयार की गई नर्सरी का निरीक्षण किया। कृषि वैज्ञानिक केके सिंह ने बताया कि इस तकनीक द्वारा आंध्र प्रदेश के किसान अधिक धान की रोपाई करते हैं, जिसमें सबसे अधिक लाभ मजदूरी व समय सीमा पर पड़ता है।
धान की रोपाई नर्सरी के 21 दिन में तैयार होने के बाद तत्काल लगाई जा सकती है। मजदूरों के सहारे नहीं बैठना पड़ता है। एक दिन में यह मशीन दो से छह एकड़ तक धान की रोपाई कर सकती है।