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गंगा के तटीय गांवों में बढ़ेगा जैविक खेती का दायरा

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गंगा के तटीय गांवों में बढ़ेगा जैविक खेती का दायरा
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बिजनौर। गंगा किनारे के गांवों में जैविक खेती का दायरा बढ़ाया जाएगा। पहले बिलकुल गंगा किनारे के गांवों में जैविक खेती कराई जा रही थी लेकिन अब गंगा की धारा के पांच किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती कराई जाएगी। अब तक 46 गांवों में 1234 हेक्टेयर जमीन में खेती होती थी लेकिन अब 2659 हेक्टेयर और रकबे को जैविक खेती से जोड़ा जाएगा।
केंद्र और प्रदेश सरकार गंगा की धारा को निर्मल करने के लिए नमामि गंगे जैविक खेती योजना के अंतर्गत अभियान चला रही है। अभियान में गंगा किनारे के गांवों में भी जैविक खेती करने को प्रेरित किया जा रहा है। किसान रासायनिक खाद व पेस्टीसाइड नहीं डालेंगे तो ये गंगा की धारा में नहीं जाएंगे। इससे धारा निर्मल रहेगी। पहले 19 ग्राम पंचायतों के 46 गांवों को जैविक खेती के लिए चिह्नित किया गया था। इन गांवों में 1234 हेक्टेयर जमीन में जैविक खेती हो रही है। अब इस अभियान में 64 और ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इन गांवों में साढ़े दस हजार हेक्टेयर जमीन है। इन गांवों की 2659 हेक्टेयर जमीन में जैविक खेती होगी। खेतों में किसानों को रासायनिक खाद न प्रयोग करने को प्रेरित किया जाएगा।
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इन गांवों को किया गया शामिल
गांव जमालुद्दीनपुर, सुल्तानपुर, नारनौर, सुजातपुर खादर, हुसैनपुर खासा, ठेट, औरंगपुर जोगीपुरा, शेखपुरी चौहड़, जलालपुर, खानपुर खादर, दारानगर गंज, निजामतपुर, सिकंदरपुर, गांवड़ी बुजुर्ग, चंदनपुरा, सलेमपुर मथना, कादरपुर जसवंत, कोलीफारम, सदुपुरा, कोहरपुर, फजलपुर, शेखपुरा, दयालवाला, तैय्यबपुर काजी, औरंगाबाद शकूरपुर, मौजमपुर ईनामपुरा, मोहम्मदपुर वाजिदपुर, गोपालपुर, जहानाबाद व बालावाली, खिरनी व बरकातपुर, गैवलीपुर, नारायणपुर, बिलासपुर व सादकपुुर, सैफपुर खादर, देवीदासवाला, तिसोतरा, बहड़े, लालपुर सोजीमल, गढ़वाल (अलवरपुर द्वारिका), कोटसराय व रायपुरखास, आलम सराय, नांगलसोती, शहजादपुर, खानपुर व जीतपुर को शामिल किया गया है।
खेतों से बेच रहे फसल
गंगा किनारे के गांवों में गन्ने, गेहूं व धान की जैविक खेती शुरू कर दी गई है। गांव के किसान जैविक खेती से तैयार गुड़ को सीधे कंपनी को बेच रहे हैं। गुड़ को नगद बेचने में किसानों को चीनी मिलों के पास भुगतान लटकने का भी डर नहीं है। किसान खेतों से ही फसल बेच रहे हैं। कम लागत पर फसल के अधिकतम दाम ले रहे हैं।
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सभी किसान अपनाएं जैविक खेती
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार गंगा किनारे मौजूद कई गांवों को योजना में शामिल किया गया है। आम किसानों को भी जैविक खेती अपनानी चाहिए। बिना लागत के खेती करने से किसानों को फायदा होगा।
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