बिजनौर। न्यायालय के आदेश की अवमानना करना चांदपुर के एसडीएम को बहुत पड़ सकता है। सिविल जज सीनियर डिवीजन अंशुमन धुन्ना ने एसडीएम विजय शंकर को नोटिस जारी करते हुए 12 अगस्त को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
चांदपुर के ग्राम पीपला जागीर की वकीला और शबाना परवीन ने सीनियर डिवीजन की कोर्ट में दाखिल वाद में कहा था कि उनकी 190. 90 मीटर जमीन है। जिस पर उनका कब्जा है। जिस पर निर्माण करना चाहते हैं परंतु चांदपुर के अनीश, शकील अहमद, नजाकत आदि अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें निर्माण नहीं करने दे रहे हैं। इस मामले में सुनवाई करने के बाद न्यायालय ने 30 जुलाई को आदेश दिया था कि प्रतिपक्षी अनीश, शकील आदि निर्माण कार्य में अग्रिम तिथि तक कोई बाधा न डालें।
इस आदेश को जब एसडीएम चांदपुर को अनुपालन करने के लिए अनुरोध किया गया तो तो एसडीएम ने इस आदेश को पढ़कर कहा कि ऐसे आदेश तो आते रहते हैं। आप कोई निर्माण नहीं कर सकते। निर्माण करने पर जेल भिजवाने की बात कही। साथ ही वकीला के पुत्र फिरोज का चालान करा दिया। कोर्ट में कहा गया कि एसडीएम ने जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। इसके लिए उन्हें तीन माह के सिविल कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया जाए।