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Bijnor News: जल जीवन मिशन की 16 योजनाएं ही हो सकी पूरी, बाकी आधी-अधूरी

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- गांव, देहात में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ी गई सड़कें बदहाल
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- विभाग का दावा 50 फीसदी टूटी सड़कों को कराया ठीक
- 916 योजनाओं को जिले में कराया जाना है निर्माण
-900 योजनाएं अभी चालू होने में लगेगा समय

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/गजरौला शिव। हर घर जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना चल रही है। हर घर जल पहुंचाने का मार्च 2024 तक का लक्ष्य था। मगर, अभी तक केवल 16 योजना ही पूरी हुई हैं। बाकी योजनाओं का काम आधा अधूरा है। योजनाओं काम पूरा नहीं होने पर लक्ष्य बढ़ाकर दिसंबर 2024 कर दिया गया है। इसके अलावा पेयजल पाइपलाइन के लिए तोड़ी की गई सड़कें बदहाल हैं।

जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में 916 योजनाओं का निर्माण होना है। इनमें से करीब 16 योजनाएं ही पूरी हुई हैं, जबकि 900 योजनाओं का काम अभी अधूरा है। इसके अलावा गांवों में पेयजल पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत तक नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों कोे आवागमन में परेशानी हो रही है। दो पहिया वाहन चालक टूटी सड़क में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।अधिकारियों का दावा है कि 50 फीसदी टूटी सड़कों को ठीक करा दिया गया है। बाकी सड़कों पर भी काम चल रहा है।
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उधर, गजरौला अचपल, मुकीमपुर धर्मसी व गजरौला शिव में निर्माणाधीन टंकियां का निर्माण अधर में लटका हुआ है। ठेकेदार व उनके कर्मचारी काम बंद कर चले गए हैं। लगभग छह माह से टंकियों का निर्माण कार्य बंद है। ठेकेदार ने टंकियों का बोर तो कर दिया है, पानी टैंक अभी तक नहीं बनाए गए हैं। जबकि पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए सीसी सड़कों को आठ महीने पहले ही तोड़कर दिया गया है। पाइपलाइन डालने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं की गई। ग्रामीण नरेश कुमार एडवोकेट, महेंद्र सिंह, मोहम्मद अहसान, देवप्रकाश आदि ने डीएम से सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।

सड़कों की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण परेशान

गजरौला शिव निवासी नरेश कुमार एडवोकेट का कहना है कि पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए करीब आठ माह पहले सड़क की खोदाई की गई थी। मगर अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गांव में नहीं आ पा रहे स्कूली वाहन

गजरौला अचपल निवासी मोहम्मद एहसान ने बताया कि गांव में टूटी सड़कें होने से स्कूली वाहन चालक गांव में अंदर नहीं जा रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों को वाहन में बैठाने के लिए गांव से बाहर आ रहे हैं।

दो वर्ष पहले शुरू हुआ काम नहीं हो सका पूरा

मुकीमपुर धर्मसी निवासी पूर्व प्रधान इंदर सिंह ने कहा कि गांव में टंकियों का निर्माण दो वर्ष पहले शुरू कराया गया था, जो अभी तक भी पूरा नहीं हुआ है। ऊपर से जल निगम ठेकेदारों ने गांव की सड़कों को तोड़कर गांव का बुरा हाल कर दिया है। यह गांव का विकास नहीं विनाश है।
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गड्ढों की नहीं हुई मरम्मत, लोग परेशान
नगीना। जल जीवन मिशन योजना ठेकेदारों की मनमानी की वजह से परेशानी का कारण बन रही है। नगीना नगर के हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल निगम ने 80 करोड़ रुपये की लागत से करीब एक साल पहले ठेका आगरा की एक फर्म को दिया था। जल निगम मुरादाबाद की देखरेख में नगर के विभिन्न मोहल्लों में पाइप लाइन बिछाने के लिए गड्ढा खुदवाने का काम किया गया। मगर इन गड्ढाे को ठीक नहीं कराया गया है। हिंदू इंटर कॉलेज मार्ग, लाल सराय, आजाद कॉलोनी, गन्ना समिति मार्ग पर हुए गड्ढों से उड़ने वाली धूल से लोग बुरी तरह पीड़ित हैं। इस संबंध में ठेकेदार अंकित का कहना है कि नगर में गड्ढों में पाइप लाइन डालने का कार्य जब तक पूरा नहीं होगा, अगले गड्ढे आगे नहीं कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गड्ढों के कारण जो सड़कें टूटी है उन्हें भी जल्दी ठीक कराया जाएगा।
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