मनरेगा में गड़बड़ी पर एक कर्मचारी बर्खास्त
बिजनौर। मनरेगा में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें सरकारी पैसे की जमकर बंदरबांट हुई। घपले में कर्मचारियों का हाथ होने के सबूत सामने आए हैं। इसमें शामिल संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। जबकि वरिष्ठ सहायक को निलंबित किया गया है। पांच लिपिकों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा है। ये सभी कर्मचारी जलीलपुर ब्लॉक में तैनात हैं।
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि केटल शेड निर्माण शासन की प्राथमिकता है। जलीलपुर ब्लॉक में करीब 300 केटल शेड बने हैं। बताया कि मनरेगा में फर्जी काम होने, कमीशनखोरी की शिकायत मिल रही थी। आरोप है कि मनरेगा में हुई इस हेराफेरी में ब्लॉक कर्मचारियों के हमसाज होने की बात कही जा रही थी। प्रशासन ने केटल शेड निर्माण में धांधलेबाजी की शिकायतों को गंभीरता से लिया। केटल शेड निर्माण की जांच की गई और मनरेगा के अभिलेखों को खंगाला गया। जांच में यह बात सामने आई कि ब्लॉक में करीब 300 केटल शेड का निर्माण हुआ है।
केटल शेड की निर्माण लागत आकार अर्थात लंबाई व चौड़ाई पर निर्भर करती है। शासन से निर्माण की लागत 70 हजार से 01.25 लाख निर्धारित है। आरोप है अधिकतर केटल शेड के निर्माण का ठेका एक ही व्यक्ति को दिया गया। पैसे के आहरण में भी अनियमितता बरती गई। प्रथम दृष्टया बड़ी वित्तीय गड़बड़ी हो सकती है। साथ ही गोरखधंधे में मनरेगा कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार घपला करोड़ों में हो सकता है। असली फिगर जांच बाद सामने आएगी। नियमों के विपरीत जाकर मनरेगा से भुगतान किया गया है, मैटेरियल का भुगतान बाद में होना था, लेकिन पहले कर दिया गया। हालांकि मौके पर काम हुए हैं। संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर को बर्खास्त किया गया है। अभी विस्तृत जांच होना बाकी है।
मनरेगा को मिलता है करोड़ों का बजट
ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं। गोशाला बन रही हैं, केटल शेड का निर्माण हो रहा है, अमृत सरोवर बन रहे हैं। तालाब और चकरोड बन रही हैं। मनरेगा में करीब एक लाख मजदूर पंजीकृत हैं। शासन से मनरेगा में वार्षिक करोड़ों का बजट आवंटित होता है। प्रशासन को मनरेगा में अनियमितताओं की शिकायत मिलती रहती है। मनरेगा से होने वाले कामकाज की निगरानी को ब्लॉक से लेकर जिले तक अमला नियुक्त है। सीडीओ पूर्ण बोरा ने कुछ समय पहले उपायुक्त मनरेगा को पिछले एक साल का ब्लॉकवार मनरेगा के कामकाज का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।