बिजनौर। जिला पंचायत जिस जमीन में व्यवसायिक कांप्लेक्स बनाने जा रही थी, उस जमीन को ही फर्जी बैनामे कर बेच दिया गया। इसकी जानकारी होने पर जिला पंचायत जागी और जमीन की चहारदीवारी कराने के लिए नींव की खोदाई शुरू कराई। साथ ही जमीन की रजिस्ट्री को निरस्त करने के लिए निबंधन विभाग को पत्र लिखा है। करीब 2700 वर्ग गज जमीन की कीमत आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
नहटौर में झालू रोड तिराहे के सामने जिला पंचायत की 2700 गज जमीन है। यह जमीन राजस्व अभिलेखों में कच्ची सड़क जिला पंचायत के नाम से दर्ज है और अभी तक यह जमीन खाली पड़ी हुई है। इस जमीन पर जिला पंचायत ने कुछ दिन पूर्व ही व्यवसायिक कांप्लेक्स बनाने का प्रस्ताव पारित किया था। 12 अक्तूबर को इसकी खबर भी अखबारों में प्रकाशित हुई। इसके बाद 14 अक्तूबर को राजेंद्र सिंह नाम के एक व्यक्ति ने इस जमीन को चार हिस्सों में बांट कर 675-675 वर्ग गज के चार बैनामे चार लोगों को कर दिए। खरीदार कब्जा लेते इससे पहले ही किसी ने इसकी सूचना जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को दी। जिस पर जिला पंचायत हरकत में आई और बृहस्पतिवार को मौके पर जाकर आनन फानन में अपनी इस जमीन की चहारदीवारी कराने के लिए नींव खोदनी शुरू कर दी। जैसे ही इसकी सूचना रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को मिली तो उन्होंने आकर विरोध दर्ज कराया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार उनके साथ एक जिला पंचायत सदस्य भी था। जमीन खरीदने वालों में एक व्यक्ति जिला पंचायत अध्यक्ष के गांव का भी बताया जा रहा है।
इस तरह से किया गया फर्जीवाडा
जिला पंचायत के एएमए श्याम बहादुर शर्मा के अनुसार करीब 20 साल पहले दो लोगों के बीच इस जमीन पर मालिकाना हक को लेकर कानूनी लड़ाई होने की बात सामने आई है। लेकिन इस वाद में जिला पंचायत को पार्टी नहीं बनाया गया। दो लोगों ने आपसी साज से एक दूसरे के खिलाफ वाद दायर किया। ऐसे में फैसला किसी भी एक के पक्ष में या बाद में आपसी फैसला दाखिल कर कोर्ट से अपने पक्ष में फैसला लेकर इस जमीन को कब्जाने की तैयारी शुरू कर दी।
बड़ा सवाल, कैसे हो गई रजिस्ट्री?
जमीन बेचने वाले के पास कोई इस जमीन की कोई रजिस्ट्री न होने की बात जिला पंचायत के अधिकारी कह रहे हैं। बैनामा में भी कोई गाटा या खसरा नंबर आदि दर्ज नहीं है। तो निबंधन विभाग ने किसी आधार पर इस जमीन की रजिस्ट्री कर दी? इसे लेकर निबंधन विभाग भी कटघरे में खड़ा हो गया है।
नहटौर में जिला पंचायत की जमीन है। जिस पर कांप्लेक्स बनाने की तैयारी है, फिलहाल दीवार बनाई जा रही है। अब जानकारी लगी कि इस जमीन के बैनामे कर दिए गए। बैनामों को खारिज कराने के लिए निबंधक को पत्र लिखा गया है। आरोपियों को भूमाफिया के रूप में दर्ज कराने की कार्रवाई भी जिला पंचायत की ओर से की जा रही है - श्याम बहादुर शर्मा, एएमए
हमारी जमीन निर्विवाद है। यदि कोई फर्जी तरीके से खरीद फरोख्त करता है तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं था, जिला पंचायत के अधिकारियों से बात कर पूरे मामले का पता करता हूं - साकेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
हम संपत्ति पर ही कब्जे के मुद्दे को लेकर चल रहे हैं। यह मामला गंभीर है, इसे लेकर हमारा प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाएगा। किसी कीमत पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और इसके पीछे जो भी लोग हैं, उनको बेनकाब कर कार्रवाई कराई जाएगी - आयुष चौहान, जिला पंचायत सदस्य