-वर्ष 1847 में 6,20,522 थी जिले की जनसंख्या
रजनीश त्यागी
बिजनौर। एक ओर जहां बिजनौर महोत्सव मनाया जा रहा है, वहीं बात बदलाव की करें तो कई बदलाव जिले ने देखें है। आज के समय में 42 लाख की आबादी वाले बिजनौर जिले में 177 साल पहले करीब 6 लाख की जनसंख्या थी। क्षेत्रफल पर नजर डालें तो वह उत्तराखंड बंटवारे के समय घट गया था।
बिजनौर जिले में होते बदलाव आंकड़ों में भी साफ नजर आ रहे हैं। जिला गजेटियर के रिकॉर्ड में 1847 में जिले की आबादी 6,20,522 थी। वर्ष 1901 आते-आते यह जनसंख्या 7,80,105 हो गई। आजादी के बाद वर्ष 1951 में हुई जनगणना के मुताबिक यह जनसंख्या केवल 9,84, 196 तक ही पहुंची।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है 1847 से 1951 तक जिले की जनसंख्या केवल पौने चार लाख की बढ़ी। उधर, आजादी के बाद से यदि अब के आंकड़े देखें तो जनसंख्या 42 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है।
क्षेत्रफल में भी आया अंतर, घट गया दायरा
बिजनौर की सीमा वर्ष 2000 से पहले तक हरिद्वार तक लगी थी। राजा जी पार्क की झिलमिल झील जो हरिद्वार में हैं, वह भी बिजनौर में होती थी। वहीं, गुरुकुल कांगड़ी की जब स्थाना हुई थी, वह भी बिजनौर जिले में ही आता था। अब यह हिस्सा उत्तराखंड में आता है।
जिले की जनसंख्या पर नजर
वर्ष जनसंख्या
1847 6,20,552
1852 6,95,521
1901 7,80,105
1941 9,10,223
1951 9,84,196
1971 14,90,185
2011 36,82,713
नोट: यह आंकड़े जिला गजेटियर से लिए गए, वर्तमान में 42 लाख से ज्यादा जनसंख्या होने का अनुमान है।