पेद्दा में सपा के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मूलचन्द्र चौहान व पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन का घेराव करती भीड़।
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बिजनौर में गांव पेद्दा में हुए तिहरे हत्याकांड में सियासत गरमा गई है। शनिवार को मृतकों के परिजनों से मिलने गए स्वतंत्र प्रभार मंत्री मूलचंद चौहान का गांव वालों ने घेराव करके जमकर विरोध किया। कहा कि अब तक वे और सपा जिलाध्यक्ष कहां थे। गांव वालों के सवालों का जवाब देते हुए मूलचंद चौहान भी हड़बड़ा गए। उनके बचाव में आए पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन को भी ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने सपा की विधायक रुचि वीरा का गुणगान किया। कहा कि रुचि वीरा मुस्लिमों की सच्ची हितैषी हैं।
शनिवार शाम जमीयतुल उलेमा ए हिंद अरशद गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरशद मदनी, मंत्री मूलचंद चौहान, विधायक मनोज पारस, नहटौर से सपा प्रत्याशी मुन्नालाल प्रेमी, बढ़ापुर प्रत्याशी शेख सुलेमान, शेरबाज पठान, जिलाध्यक्ष अनिल यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन सहित तमाम नेता गांव पेद्दा पहुंचे। अरशद मदनी ने मृतकों के परिजनों से वार्ता की। वापस लौटते समय मंत्री मूलचंद चौहान की गाड़ी सबसे पीछे थी। गांव वालों ने मंत्री के गाड़ी में बैठने से पहले ही उन्हें घेर लिया और खूब खरी खोटी सुनाई। गांव वालों ने कहा कि घटना शुक्रवार सुबह की और वे शनिवार शाम को मिलने आए हैं। अब तक वह और जिलाध्यक्ष कहां थे। ग्रामीणों ने मंत्री से पूछा कि जब उन्होंने उनको फोन किया तो फोन क्यों नहीं उठाया। मंत्री मूलचंद चौान भी उनके सवालों के जवाब ानहीं दे पाए। मंत् री ने ग्रामीणों को बताया कि वह लेखनऊ में होने के कारण नहीं आ सके। ग्रामीणों ने कहा कि लखनऊ के तमाम अधिकारी कुछ ही घंटे में गांव आ गए, और उनको आने में 36 घंटे लग गए। क्या इसलिए ही मुस्लिमों ने उनको वोट दिया था। गांव वालों ने मंत्री मूलचंद चौहान का जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि विधायक रूचि वीरा घटना के तुरंत बाद गांव आ गईं। पूरा दिन-पूरी रात गांव वालों के साथ रहीं। शनिवार को मृतकों का दफीना सुबह छह बजे होने से पहले ही वे पांच बजे गांव आ गईं। रूचि वीरा उनकी सच्ची हमदर्द हैं। मंत्री को घिरता देखकर पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन आगे आए तो ग्रामीण उनसे भी भीड़ गए। राशिद हुसैन ने किसी तरह ग्रामीणों से अपना और मंत्री का पीछा छुड़ाया। अरशद मदनी मंत्री मूलचंद चौहान की गाड़ी में ही बैठे रहे। वे गाड़ी से बाहर नहीं निकले। गांव वालों का आक्रोश देखकर मंत्री मूलचंद चौहान और पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने गांव से खिसक गए।