मंडावर/बेगावाला में पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा और मालन का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। गंगा ने फिर से गांव रामसहायवाला के पास कटान करना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड के अधिकारी कटान को रोकने में जुट गए हैं। बाढ़ के भय से गांव वाले पहले ही पलायन कर चुके हैं। गंगा का पानी गांव ब्रह्मपुरी, राजारामपुर में भी भर गया है। रावली के पास बने रपटे पर मालन का पानी दो से तीन फीट तक बह रहा है।
पिछले दो दिन से पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश हो रही है। पहाड़ों का पानी मैदान में आने से मालन और गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। 24 घंटे में गंगा में पानी दोगुना हो चुका है। गंगा की तेज धारा ने उत्तराखंड की सीमा के पास बने जिले के गांव रामसहायवाला के तटबंध को काटना शुरू कर दिया है। गंगा के कटान से खौफ खाए गांव वाले पहले ही गांव से पलायन कर चुके हैं। गांव में पशुओं को चारा देने के लिए कुछ ही किसान रुके हुए हैं। हरिद्वार की लक्सर तहसील के एसडीएम कौस्तुभ मिश्र सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर मौके पर पहुंचे।
गंगा का पानी गांव राजारामपुर में भी भर गया है। गंगा की तेज धारा गांव डैबलगढ़, कुंदनपुर, टीप, मीरापुर, कोहरपुर आदि के पास भी कटान कर रही है। रविवार रात गंगा का पानी गांव ब्रह्मपुरी में भर गया। गांव रावली के पास मालन नदी पर बने रपटे पर भी दो फीट से भी ज्यादा पानी चल रहा है। बैराज सिंचाई खंड के जेई आयुष कुमार के अनुसार रविवार को गंगा में 76 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था। सोमवार को पानी एक लाख 46 हजार क्यूसेक हो गया है। तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि गांवों में लेखपाल, अमीन पूरी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। गांव रामसहायवाला के पास उत्तराखंड प्रशासन कटान को रोकने की कोशिश कर रहा है।
पेड़ गिरने से सैडिल बांध और पावर हाउस मार्ग बंद
कालागढ़। दो दिनो से कालागढ़ क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते सैडिल बांध व पावर हाउस को जाने वाले मार्ग पर पेड़ गिर जाने व पहाड़ों से दरक कर आ रहे मलबे की वजह से रास्ता बंद हो गया, जिसकी वजह से बांध व पावर हाउस को आने जाने वाले वाहन संचालित न हो सके। आवश्यक सेवा के तहत कर्मचारियों को कई किमी तक पैदल आना जाना पड़ा। एई एमके लखवार का कहना है कि बारिश काफी अधिक हुई। वहीं बारिश के पानी से पहाड़ दरक गए। जिससे उनका मलबा भी सड़क पर आ गया। अधिक बारिश के कारण सैडिल बांध मार्ग तीन जगह से बंद हुआ है। मार्ग को खोले जाने को श्रमिक व अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं। जल्दी ही मार्ग को खोला जाएगा। पहले किसी तरह से मार्ग को इस लायक बनाया जा रहा है कि बांध व पावर हाउस की ड्यूटी आ जा सके। दूसरी ओर बारिश भी कम होने का नाम नहीं ले रही है, जिसके कारण कालागढ़ से धामपुर, कोटद्वार, रामनगर, वादीगढ़ मार्ग पर यातायात थमा है।
बारिश से खो नदी में जलस्तर बढ़ा
नगीना। खो नदी का जल स्तर बढ़ने से नगीना हरेवली मार्ग पर स्थित एक दर्जन से अधिक गांव के लोग बुरी तरह प्रभावित हैं, नगीना-हरेवली मार्ग पर कई स्थानों पर सड़कों पर पानी बह रहा है।
कृषि अनुसंधान मौसम वेधशाला के प्रेषक आरके शर्मा के मुताबिक क्षेत्र में वर्षा 113 एमएम रिकॉर्ड की गई। सोमवार सुबह से ही नगीना-हरेवली मार्ग पर बहने वाली खो नदी का जल स्तर बढ़ गया जिसके कारण सड़क पर पानी आ गया। सड़क पर पानी आने से सुबह 8 बजे से 10 बजे तक यातायात बंद रहा। बाद में जल स्तर कम होने पर यातायात में कुछ सुधार हुआ और वाहनों का चलना शुरू हो गया। खो नदी का जल स्तर बढ़ने से खो पार के गांव बेनीपुर कोपा, भगवानपुर, कठैर, किशनपुर कुंडा, जाफरपुर, दोदराजपुर, लुहारवाली, तुख्मापुर, भवानीपुर, बुढ़ावाला के ग्रामीण बुरी तरह प्रभावित हैं। खेतों में पानी भर गया है जिसके कारण पशुओं के हरे चारे के लिए भी समस्या खड़ी हो गई है। इस मार्ग पर टेंपो चलाने वाले सुनील, चरण सिंह, अनित कुमार, गोपाल, मुकेश आदि ने बताया कि अधिकारियों को पानी आने की सूचना दे दी गई है।
नचना के पानी से सड़कें, खेत जलमग्न
अफजलगढ़ में 60 घंटों से हो रही बारिश के चलते अफजलगढ़ नगर में जलभराव हो गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त है। लोगों के घरों में नचना नदी का पानी भर चुका है।
नगर के भूरे खां, संजीव कुमार, असलम, नदीम, पुरुषोत्तम कुमार का कहना है कि उनका नचना नदी में आए उफान से जो नुकसान हो रहा है, इसके लिए प्रशासन दोषी है। एसडीएम, तहसीलदार ने शिकायत पर कई बार नचना नदी का निरीक्षण किया, लेकिन इस पर किए गए अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। सब्जी मंडी, बस स्टैंड रोड, जामा मस्जिद, मुस्लिम फंड, मोहल्ला किला, डूडा कॉलोनी, गौहरअली खां, बेगमसराय बाजार में कई-कई फीट पानी जमा होने से लोगों को दो दिन से परेशानी हो रही है। बीमारी फैलने का खतरा सता रहा है। घरों और दुकानों में पानी भरने से लोगों ने सामान को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। पहाड़ों पर अभी भी भारी वर्षा हो रही है।
बारिश से जन-जीवन प्रभावित, संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त
नजीबाबाद में बारिश के कारण भागूवाला के गांव कोटावाली, नजीबाबाद के खैरूल्लापुर में भारी कटान हुआ। नजीबाबाद में कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। कोटावाली का जलस्तर बढ़ने से भारी वाहनों का यातायात घंटों बाधित रहा।
नजीबाबाद क्षेत्र में रविवार रात से रुक रुककर हो रही बारिश सोमवार को भी जारी रही। 132 केवी बिजली घर के सामने कॉलोनी, जलालाबाद के राजारामपुर क्षेत्र, डबल फाटक और भारत सिनेमा रेलवे क्रॉसिंग, आकाशवाणी । स्टूडियो परिसर, आदर्श नगर, लालूवाला धनौरा, नजीबाबाद नगर क्षेत्र के मोहल्ला मुगलूशाह, मकबरा, वाहिद नगर, संतोमालन, रम्पुरा क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया। मकानों में पानी भरने से घरेलू सामान, अनाज बर्बाद हो गया। राजारामपुर क्षेत्र की आबादी और मुख्य मार्गों पर पानी भरने से घंटों आवागमन बंद रहा। आजाद चौक तालाब के रूप में परिवर्तित हो गया। इस चौक से निकलने वाला यातायात भी प्रभावित हुआ। जसवंतपुर लुकादढ़ी क्षेत्र में संपर्क मार्ग पर पानी भरने से राहगीरों को असुविधा हुई।
रेलवे क्रॉसिंग पर भरा पानी, कई ट्रेनें प्रभावित
नजीबाबाद/भागूवाला/मंडावली में सोमवार सुबह हुई मूसलाधार वर्षा से नजीबाबाद डबल फाटक और भारत सिनेमा रेलवे क्रॉसिंग पर पानी भर गया। ट्रेनों को जहां-तहां रोक कर गुजारा गया। डबल फाटक पर रनथ्रू एक्सप्रेस ट्रेन और एक मालगाड़ी रेल ट्रैक पर पानी भरा होने से पानी उतने तक खड़ी रहीं। कोटद्वार ब्रांच लाइन की रेल पटरी डबल फाटक के निकट घंटों जलमग्न रहीं। वहीं, पहाड़ों पर हुई बारिश से मालन नदी के उफान पर है। हरिद्वार मार्ग पर स्थित मालन नदी के पुल का जलस्तर काफी ऊंचा आने से पुल के आसपास सब्जी की फसल नष्ट हो गई। मालन नदी के पुल से कुछ फासले पर स्थित खैरूल्लापुर की ओर कटान से मकानों को नुकसान पहुंचा। कछियाना बस्ती जलमग्न हो गई। चंद्रप्रकाश, राजपाल, रमेश, गुड्डू, हरकिशन, विनोद, श्रीराम, गुरदयाल, रिंकू, बालक राम, मस्तराम की फसल को नुकसान पहुंचा। वहीं, भागूवाला में कोटावाली नदी के उफान से कोटावाली गांव को खतरा उत्पन्न हो गया है। सोमवार की तड़के नदी के उफान से रपटे पर एक मोटरसाइकिल बह गई। जबकि मोटरसाइकिल सवार बाल-बाल बच गए। कोटावाली नदी के उफान से कोटावाली गांव में ऋषिपाल, जगवंति, मूलचंद, सोमी की झोपड़ियां बह गईं। छोटी के इंद्रा आवास को पानी में समाने से पहले क्षेत्रवासियों ने गिराकर मलवा बचा लिया। कोटावाली गांव को खतरा भांप कर नदी के आसपास रहने वाले कई ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। वहीं, मंडावली थाना क्षेत्र के टांडारतन में सूक्खा नदी और जटपुरा बौंड़ा में लकड़हान नदी के उफान से क्षेत्र के रपटे और संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए। जिससे घंटों आवागमन प्रभावित रहा।