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अधिकारियों ने धामपुर में डेरा डाला

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पीपीई किट पहनकर मौके पर तैनात कर्मचारी। - फोटो : DHAMPUR
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अधिकारियों ने धामपुर में डेरा डाला
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धामपुर (बिजनौर)। पशुपालन विभाग के अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को गांव अमखेड़ा शंजरपुर में एक पोल्ट्री फार्म का भ्रमण किया। प्रभावित पोल्ट्री फार्म से कुछ ही दूरी पर स्थित एक अन्य पोल्ट्री फार्म पर पल रहे करीब 7228 चूजों को गड्ढे में दबा दिया गया। बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र को सैनिटाइज कराया गया। इसके एक किमी की परिधि के क्षेत्र को संक्रमण जोन घोषित कर वहां पर बोर्ड लगवा दिया गया है। लोगों को प्रचार प्रसार कर अवगत करा दिया गया कि कोई भी बर्ड फ्लू संक्रमण क्षेत्र में न घुसे। क्योंकि इसके लोगों को भी खतरा हो सकता है।
मुरादाबाद मंडल के अपर निदेशक विनोद कुमार के निर्देशन में बिजनौर, अमरोहा और रामपुर के डाक्टरों ने शुक्रवार को धामपुर में डेरा डाल लिया है। सरकार की गाइड लाइन के अनुसार संबंधित क्षेत्र को संक्रमण जोन घोषित कर दिया गया है। गांव में मदन सिंह पाल के पोल्ट्री फार्म पर सात हजार चूजों की बर्ड फ्लू से मौत हुई है। शुक्रवार को अधिकारी धामपुर के पशुपालन विभाग में एकत्र हुए। यहां पर सरकार की गाइड लाइन को लेकर मंत्रणा की। बाद में सभी गांव में पहुंचे। मगर प्रभावित क्षेत्र से एक किमी दूर रहे। संक्रमण क्षेत्र में वही कर्मचारी गए, जिन्होंने पीपीई किट पहन रखी थी।
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उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि प्रभावित पोल्ट्री फार्म के पास गांव अमखेड़ा शंजरपुर के परवेंद्र चौहान का पोल्ट्री फार्म करीब 700 मीटर के अंतराल पर है। इस फार्म पर करीब 7228 चूजे पल रहे थे। सभी को अधिकारियों की निगरानी में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया है। विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है कि वे चूजों को दफन करने के बाद निगरानी रखे। जिससे कोई कुत्ता आदि निकाल कर न ले जा सकें।
हम तो बर्बाद हो गए : मदनपाल
गांव के मदन सिंह पाल की करीब 7000 से अधिक मुर्गियां बर्ड फ्लू संक्रमण से मर चुकी हैं। 24 जनवरी को परीक्षण के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई। मदन सिंह पाल का कहना है कि वह तो पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। उसका करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसा ही परवेंद्र चौहान का भी कहना है।
मीट की बिक्री पर रोक : अपर निदेशक
अपर निदेशक विनोद कुमार का कहना है कि 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। उन्हें बता दिया गया है कि वह अपने क्षेत्र में मुर्गी, अंडों के आयात निर्यात पर रोक लगा दी गई है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि उन्होंने उप जिलाधिकारी को सुझाव दिया है कि वह पुलिस की मदद से धामपुर नगर क्षेत्र के सभी प्रकार के मुर्गी मीट की दुकानों को बंद करा दें। मुर्गे का मीट प्रयोग किए जाने से बीमारी के फैलने का खतरा हो सकता है।
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मीट की दुकानें बंद : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने नगर के सभी मीट की दुकानों को बंद करा दिया है। हिदायत दी है कि यदि किसी ने आदेशों का उल्लंघन कर चोरी छिपे दुकान खोलने का प्रयास किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लोगों को संक्रमित जोन के बारे में जागरूक करने को बोर्ड तैयार करते पशुपालन विभाग के कर्मी।- फोटो : DHAMPUR

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