जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में उपस्थित सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कई विभागों के अफसरों के न आने पर सदस्यों ने खूब हंगामा किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़कों की जांच कराने की मांग की। सांसद, विधायकों द्वारा सदस्यों के क्षेत्र में हैंडपंप न लगवाने पर भी नाराजगी जताई गई।
जिला पंचायत के सभाकक्ष में मंगलवार को हुई बोर्ड की बैठक में नलकूप विभाग के अफसरों के नदारद होने पर जिला पंचायत सदस्यों का पारा चढ़ गया। सदस्यों ने इस बात पर हंगामा शुरू कर दिया। सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत खराब सड़कें बनाई गई हैं। इन सभी सड़कों की जांच की जाए।
सदस्यों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि सांसद व विधायक जिला पंचायत की निधि से तो अपने क्षेत्रों में काम करा लेते हैं पर उनके क्षेत्रों में हैंडपंप नहीं लगवाते हैं।
सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों को जिला पंचायत निधि नहीं देने की मांग की। नजीबाबाद में तैनात कर्मचारी निहाल सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद भी आवास खाली न करने पर उसकी पेंशन से किराया काटने को कहा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी की अध्यक्षता व अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा के संचालन में हुई बैठक में तमाम विभागों के अफसरों समेत जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, अमित कुमार, बुद्ध सिंह, धारा सिंह, मनोज चौहान, रामनारायण सिंह समेत 40 सदस्यों ने भाग लिया