बिजनौर में शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा। शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की ये पंक्तियां युवाओं में जोश पैदा करती हैं, लेकिन वक्त के साथ शहादत देने वालों को प्रशासन व आम लोग भुला चुके हैं।
फीना में बेलबाबा चौराहे पर बना शहीद स्मारक जरूर कारगिल के शहीद नायक अशोक कुमार की याद दिलाता है, लेकिन कारगिल विजय दिवस पर प्रशासन का कोई भी अधिकारी उन्हें श्रद्घांजलि देने नहीं पहुंचा। इस उपेक्षा से शहीद के माता-पिता भी दुखी हैं।
वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में गांव फीना निवासी अशोक कुमार ने शहादत दी थी। गोरखा रेजीमेंट की तीसरी बटालियन के नायक अशोक कुमार ने पाकस्तानी सेना से जमकर लोहा लेते हुए शहादत पाई थी। उसके पिता लक्ष्मण सिंह एवं माता ओमवती के साथ ही ग्रामीणों को भी उस पर गर्व है। शव गांव पहुंचने पर हजारों लोग उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। वर्ष 2002 में तत्कालीन जिलाधिकारी मार्कंडेय सिंह ने बेलबाबा चौराहे पर नायक अशोक की प्रतिमा स्थापित कर शहीद स्थल का निर्माण कराया था।
पिता लक्ष्मण सिंह ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें पचास बीघा जमीन देने, अशोक के नाम पर डिग्री कॉलेज खोलने, उसके बच्चे को मुफ्त शिक्षा एवं पैट्रोल पंप का लाइसेंस दिलाने आदि आश्वासन दिए थे। 18 वर्ष बाद भी अधिकांश वायदे पूरे नहीं हुए। शहीद अशोक कुमार के पुत्र नितिन को भी उन्होंने अपने खर्चे पर ही पढ़ाया है। इस समय वह गांव के ही एक कॉलेज में बीएससी का छात्र है। उन्होंने चांदपुर रोड से अपने घर तक सीसी रोड बनवाने, घर व समाधि स्थल पर सोलर लाइट लगवाने, समाधि स्थल पर बिजली कनेक्शन लगाने व फीना चांदपुर शहीद अशोक मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की।
शहीद की मां ओमवती का कहना है कि अशोक की शहादत के बाद बीमा, फंड एवं अन्य सहायता राशि उनकी पुत्रवधु को मिली थी। उनका पोता नितिन उनके पास ही रहता है और वह सरकार से मिलने वाली नाममात्र पेंशन से ही गुजर-बसर कर रहे हैं।
प्रधान ने कराई शहीद स्मारक की सफाई
फीना में बेलबाबा चौक पर बने शहीद स्मारक में शहीद अशोक कुमार की प्रतिमा के आसपास वर्ष भर सफाई आदि न होने के चलते काफी घास उग आई है। मंगलवार को ग्राम प्रधान ममता राजपूत ने शहीद स्मारक की सफाई का काम शुरू कराया। ग्राम प्रधान पति समाजसेवी मनोज राजपूत ने बताया कि कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर ग्राम पंचायत की ओर से माल्यार्पण और पौधरोपण कार्यक्रम किया जाएगा। अशोक की शहादत गांव के लिए गर्व की बात है और ग्राम पंचायत शहीद स्मारक की पूरी देखभाल करेगी।