पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ धरने पर बैठे प्रधान।
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अफजलगढ़ में प्रधानों ने पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में धरना दिया। प्रधानों ने स्वच्छ भारत मिशन की ओर से चले रहे ओडीएफ अभियान का बहिष्कार करने का एलान किया है। आरोप है कि पुलिस खनन के नाम पर उत्पीड़न कर रही है। प्रधानों ने चेताया कि यदि पुलिस ने उत्पीड़न बंद नहीं किया तो वे सामूहिक इस्तीफा डीएम को सौंपने को मजबूर होंगे।
बृहस्पतिवार को ब्लॉक प्रधान संघ अध्यक्ष पूरन सिंह के नेतृत्व में पांच दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने कोतवाली परिसर में धरना दिया। आरोप है कि पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से ब्लॉक क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर खनन का अवैध धंधा चल रहा है, जबकि प्रधानों के सरकारी कार्य के लिए रेत ले जाने पर अंकुश लगाया जा रहा है। दो दिन पहले कोतवाल ने गांव कादराबाद में शौचालय निर्माण के लिए जा रही रेत की दो बैलगाड़ियों को पकड़ा और कोतवाली ले आई। जब प्रधान के पति ने कोतवाली में आकर अपना पक्ष रखा तो कोतवाल उन पर भी हावी हो गया।
कोतवाल ने प्रधान से गाली गलौज व जेल में भेजने तक धमकी दे दी डाली। कोतवाल के इस रवैये से खिन्न होकर प्रधानों ने कोतवाली में धरना दे दिया। प्रधानों का कहना है कि यदि योगी सरकार में प्रधानों का उत्पीड़न होगा तो वह सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। पुलिस के उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से प्रधानों ने सरकार के ओडीएफ कार्यक्रम का भी बहिष्कार कर दिया।
कोतवाल ने गलती स्वीकारते हुए प्रधानों से धरना खत्म करने की अपील की। तब जाकर प्रधानों ने धरना समाप्त किया। प्रधानों ने अवैध खनन में लिप्त कोतवाल को डीआईजी से यथाशीघ्र हटवाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में शकील अहमद, धीरेंद्र शेखावत, राजवीर सिंह, संजय कुमार, अमरजीत सिंह, ओमप्रकाश, शमीम अहमद, इस्लामुददीन, अहमदहसन, बलराजचंद रहे।