बिजनौर। जिले में किसान सहकारी समितियों की संख्या में इजाफा होने जा रहा है। करीब 20 और नवीन सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा। इसके लिए कवायद चल निकली है। शासन स्तर पर मीटिंग हो चुकी है। अब जिला स्तर गठित समिति में 21 अक्तूबर को इस पर विचार विमर्श करते हुए रुपरेखा तैयार की जाएगी।
केंद्र सरकार की मंशा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कोई भी एक सहकारी समिति होनी चाहिए। चाहे दुग्ध, मत्स्य या फिर अन्य कोई भी सहकारी समिति बने। इसी क्रम में किसानों को खाद, बीज और कर्ज मुहैया कराने वाली किसान/साधन सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाने पर विचार हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर के बजाए प्रत्येक न्याय पंचायत में एक साधन सहकारी समिति बनाने की कवायद चल रही है।
जिले में फिलहाल 96 किसान सहकारी समितियां (बहुउद्देशीय पैक्स) काम कर रही हैं। जबकि जिले में न्याय पंचायत की संख्या 130 है। ऐसे में जिले में सभी न्याय पंचायत तो नहीं लेकिन 20 नई समितियों के गठन पर विचार चल रहा है। इसके बाद किसान सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 116 हो जाएगी।
हाल ही में शासन स्तर पर आयोजित बैठक में जिला स्तर पर एक कमेटी बनाकर रुपरेखा तैयार करने के लिए निर्देश दिए गए हैंं। इसी क्रम में जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन हो चुका है। इसकी पहली बैठक 21 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समितियों का गठन करने के लिए खाका तैयार किया जाएगा। किस किस जगह पर समिति बनेगी, यह भी तय किया जाएगा।