बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध के कटान को रोकने के लिए कार्य में जुटे मजदूर। संवाद
बिजनौर। गंगा बैराज के तटबंध के पास से धारा दूर चली जाए, इसके लिए ड्रेजिंग मशीन को गंगा में उतारा गया था मगर इससे काम नहीं चल पाया। शनिवार को ड्रेजिंग मशीन पूरी तरह से बंद रही। अब पोकलेन मशीन को गंगा में उतारने की तैयारी चल रही है। हालांकि नाव से पोकलेन ले जाने में जोखिम ज्यादा है।
शनिवार को बिजनौर बैराज के बनाए गए नए तटबंध के अंदर की ओर से मजबूती देने के लिए काम किया गया ताकि मिट्टी गंगा की धारा से कटने नहीं पाए। साथ ही अगर नए तटबंध पर अंदर से कटान होता भी है तो बाहरी छोर पर मिट्टी बढ़ाई जा रही है। हालांकि खतरा तो टल गया है लेकिन कटान को लेकर पूरी तरह से सुरक्षा नहीं मिली है। गंगा की धारा ने अब पीछे की तरफ कटान चालू कर दिया है। शनिवार को करीब पचास से 60 मीटर तक गंगा ने कटान कर दिया। ऐसे में इस कटान से तटबंध को बचाने के लिए प्रयास जारी रहा।
नाव से गंगा में उतरेगी पोकलेन मशीन : शनिवार को ड्रेजिंग मशीन से काम नहीं हो पाया। घासीवाला की ग्राम प्रधान के पति सपन राय ने बताया कि बंगाली और सिख समाज पूरा सहयोग कर रहा है। ड्रेजिंग मशीन से शनिवार को काम नहीं हो पाया। यह ड्रेजिंग मशीन एक साल में भी गंगा की धारा को नहीं बदल पाएगी। ऐसे में रविवार को पोकलेन मशीनों को गंगा के बीच में टापू पर ले जाने की तैयारी है। दो नाव जोड़कर एक एक पोकलेन मशीन को टापू पर ले जाया जाएगा, जोकि पानी का रास्ता तैयार करेगी।