बिजनौर/गजरौला शिव। जीएसटी कार्यालय के निर्माण को भूमि चिह्नित कर विभाग के सुपुर्द कर दी गई है। पहले उक्त भूमि गांव के पास बनी मंडी समिति से लगी हुई थी। वाणिज्य कर विभाग ने उक्त भूमि को उपयुक्त न बताते हुए शासन से बदलने की मांग की थी। अभी यह विभाग किराए के भवन में संचालित किया जा रहा है।
जिले में स्वाहेड़ी ऐसा गांव है जिसमें विकास दर विकास किये जा रहे हैं। गांव में अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेज, लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र, बिजली ट्रांसमिशन, केंद्रीय विद्यालय और अब वाणिज्य कर भवन बनाया जाएगा।
जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर बिजनौर-पौड़ी नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे स्वाहेड़ी खुर्द में खसरा नंबर 910 में वाणिज्य कर (जीएसटी) विभाग का ऑफिस बनाया जाएगा। शासन ने इसके लिए 0.6830 हेक्टर (लगभग साढ़े आठ बीघा) भूमि 15 जनवरी 2025 को तहसील प्रशासन द्वारा विभाग के सुपुर्द कर दी है। विभाग ने भूमि पर कब्जा कर अपना बोर्ड लगा दिया है।
उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वाणिज्य कर विभाग का भवन बनाया जाएगा। इसके लिए कवायद तेज कर दी गई है। तहसील प्रशासन ने 15 जनवरी 25 को उक्त भूमि वाणिज्य कर विभाग बिजनौर के नाम खतौनी में दर्ज कर दी है।
वर्तमान में वाणिज्य कर विभाग ग्राम पंचायत आदमपुर में किराए के भवन में संचालित किया जा रहा है। पहले तहसील प्रशासन ने राज्य कर विभाग को गांव स्वाहेड़ी में मंडी समिति के पास खाली पड़ी गाटा संख्या 739 में लगभग पांच बीघा भूमि विभाग के नाम 2023 में दर्ज की थी। वाणिज्य कर विभाग ने उक्त भूमि को उपयुक्त न बताते हुए बदलने की मांग की थी।
पूर्व डीएम अंकित अग्रवाल ने संज्ञान लेते हुए अब गाटा संख्या 910 लगभग साढ़े आठ बीघा भूमि वाणिज्य कर विभाग के सुपुर्द करा दी है।