बिजनौर। इस बार अमानगढ़ को भी कार्बेट और दुधवा पार्क की तर्ज पर ऑनलाइन करने की तैयारी हो गई है। 15 नवंबर से शुरू होने जा रहे पर्यटन सत्र पर पर्यटक घर बैठे अपनी जंगल सफारी की बुकिंग करा सकेंगे। वहीं इस बार 35 किमी की दूरी तक पर्यटक जिप्सी से जंगल के साथ-साथ वहां के वन्य जीवों को निहार पाएंगे।
बिजनौर जिले में कार्बेट पार्क की सीमा से लगा अमानगढ़ इस बार पर्यटकों के लिए और ज्यादा खास होने वाला है। अब पर्यटकों को भीड़ होने पर बुकिंग न होने के कारण लौटना नहीं पड़ेगा। अब वन विभाग ने अमानगढ़ पोर्टल में ऑनलाइन बुकिंग की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें तकनीकी टीम को काम सौंप दिया गया है। इसी पोर्टल पर बुकिंग और वेटिंग, जिप्सी की उपलब्धता आदि के साथ सभी जानकारी मौजूद रहेगी।
- 35 किमी ट्रैक पर सफारी होगी: डीएफओ
डीएफओ ज्ञान सिंह ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग आगामी पर्यटन सत्र पर शुरू कर दी जाएगी। जंगल के अंदर पर्यटकों ने 35 किमी ट्रैक घूमने के लिए निर्धारित किया है। फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना होगा।
- कभी कार्बेट पार्क का हिस्सा थी अमानगढ़ रेंज
अमानगढ़ रेंज कभी कार्बेट पार्क का ही हिस्सा हुआ करती थी। यूपी-उत्तराखंड बंटवारे के समय कार्बेट पार्क उत्तराखंड में चला गया। वहीं अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर उत्तर प्रदेश के हिस्से में आ गई। इसका रकबा 9500 हेक्टेयर में है। इसमें करीब 8600 हेक्टेयर क्षेत्र टाइगर रिजर्व के तहत आता है। इसे वर्ष 2012 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिल चुका है।
- प्राकृतिक धरोहर का खजाना है अमानगढ़
अमानगढ़ के पास ही पीली बांध है, जहां पर सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है, जो खुद में एक बेहतरीन पर्यटक स्थल है। अमानगढ़ के जंगल में 32 बाघ हैं। इस बार हुई गणना में इनकी संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा यहां पर 100 से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
- अमानगढ़ एक नजर में
रकबा 9580 हेक्टेयर
बाघ 32
हाथी 100
गुलदार 45
हाथी 105
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।