सांप्रदायिक सद्भाव एवं कौमी एकता सम्मेलन में मंचासीन अतिथि।
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बिजनौर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि 500 और एक हजार के नोट बंद करने के बारे में कारपोरेट घरानों को पहले ही बता दिया गया था। उन्होंने पहले ही रुपये बदल लिए, आम जनता परेशान है। दो हजार रुपये निकालने के लिए पूरा दिन लाइन में लगना पड़ रहा है।
वाम मोर्चे के सांप्रदायिक सद्भाव व कौमी एकता सम्मेलन में उन्होंने कहा कहा कि 500 व एक हजार के नोट बंद होने से काले धन का छोटा हिस्सा ही सामने आएगा। कहा कि सांप्रदायिक ताकतें किसान और मजदूर वर्ग की एकता को तोड़ना चाहते हैं। कहा कि अगर मुजफ्फरनगर दंगा न होता तो गन्ना मूल्य भी बढ़ गया होता। हालांकि एक न होने के कारण किसान आवाज नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने जिले के पेद्दा कांड के बाद शांति कायम रखने पर जिलेवासियों की प्रशंसा की। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी सचिव मंडल सदस्य वीपी सिंह ने कहा कि चुनाव के समय सांप्रदायिक ताकतें माहौल खराब करने की कोशिश करेंगी। हालांकि सभी को एकजुट होकर उनको विफल करना होगा। अध्यक्षता अब्दुल हमीद व संचालन राजेंद्र कुमार ने किया। इस दौरान बलवंत सिंह, रामपाल सिंह, रामनिवास जोशी, हरकिशन सिंह आदि मौजूद रहे।