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अधिवक्ताओं ने काम नहीं किया

Fri, 23 Sep 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर जजी में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में पेद्दा कांड में भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम, प्रफुल चौधरी और उनके पिता का नाम रिपोर्ट से निकालने की मांग को लेकर लगातार चौथे दिन वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। युवा वकीलों ने बार हॉल में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। जिला बार की ओर से कहा गया है कि अगर आरोपी बनाए गए वकीलों का नाम नहीं निकाला गया, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश संघर्ष समिति से जुड़कर 22 जिलों के अधिवक्ताओं द्वारा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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जिला बार एसोसिएशन की जिला बार अध्यक्ष राजीव चौहान की अध्यक्षता व सचिव अजीत पंवार के संचालन में हुई बैठक में कहा कि जजी में वकालत करने वाले अधिवक्ता प्रफुल चौधरी व उनके पिता दिलावर सिंह को झूठा नामजद किया गया है। अधिवक्ता ऐश्वर्य चौधरी को इस मामले में फर्जी तौर से संलिप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने वकीलों को आश्वासन दिया था कि दोनों अधिवक्ताओं का नाम इस घटना मेें नहीं रखा जाएगा। हालांकि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि इनका नाम घटना से निकाल रहा है। इसलिए जिला बार एसोसिएशन ने समर्थन जुटाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों की संघर्ष समिति के सामने यह मामला उठाया है। यदि इनके नाम नहीं निकाले गए तो उनके सहयोग से शीघ्र ही आंदोलन को विस्तार दिया जाएगा। 22 जिलों के वकील हड़ताल कर न्यायिक कार्य ठप कर देंगे। 
वहीं, जिला युवा बार एसोसिएशन व प्रगतिशील युवा एसोसिएशन की अनुज चौधरी व सौरभ चौधरी की अध्यक्षता व नृपेंद्र देशवाल के संचालन में हुई संयुक्त बैठक में पुलिस पर राजनैतिक दबाव से कार्य करने का आरोप लगाया गया। प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि दोनों अधिवक्ताओं का नाम नहीं निकाला गया तो युवा अधिवक्ता आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। युवा अधिवक्ताओं ने बार हॉल पर जमकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रकट किया। विवेक चौधरी, अतुल कुमार, तलहा मकरानी, गौरव अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, मोहित राठी, गुलशेर आलम आदि मौजूद रहे।
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वहीं धामपुर में युवा बार एसोसिएशन और बार ऐसोसिएशन ने पेद्दा प्रकरण में पुलिस प्रशासन द्वारा फंसाए निर्दोष अधिवक्ताओं     के नामों को निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और सीओ अशोक यादव को अलग अलग ज्ञापन सौंपे। 
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने सोची समझी साजिश के तहत अधिवक्ताओं को झूठे केस में फंसाया है। जबकि उनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। चेताया कि यदि प्रशासन ने उनकी मांग को नहीं माना तो आंदोलन होगा। युवा बार की ओर से आरके आर्य, प्रशांत चौहान, अमित कुमार, राहुुल गुप्ता, दीपक चंद्र, सुरेंद्र सिंह जबकि  बार ऐसोसिएशन की ओर से विनोद सैनी, हरिओम, उमाशंकर शर्मा, दिनेश चंद त्यागी, धीरेद्र कुमार, शाहिद अली, राकेश कुमार, सुरेश कुमार रहे।
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