जिले में 96 सहकारी समितियां हैं। सहायक निबंधक सहकारी समितियां डॉ प्रदीप सिंह के अनुसार अभी तक सहकारी समितियों पर कीटनाशक अर्थात पेस्टीसाइड की बिक्री प्रतिबंधित थी। परंतु अब समिति कीटनाशक भी बेच सकेगी। इससे किसानों को शुद्ध व तय मानकों पर खरी कीटनाशक मिलेगी। साथ ही दैनिक उपभोग के लिए इलेक्ट्रॉनिक संयंत्रों जैसे टीवी, वाशिंग मशीन, आदि का शो रूम खोल सकती है। साथ ही कृषि यंत्र जैसे ट्रैक्टर, हैरो, टीलर, आदि की दुकान खोलने की अनुमति होगी।
कार्यक्षेत्र से बाहर लेनदेन और कोई व्यापार करने की मिली छूट
सहकारी समिति का कार्यक्षेत्र न्याय पंचायत होता है। समिति न्याय पंचायत के गांवों में ही व्यवसाय कर सकती है। परंतु अब समिति कहीं भी विपणन अर्थात खरीद फरोख्त करसकती है। कोई भी समिति उर्वरक, खाद बीज के अतिरिक्त कोई भी व्यवसाय कर सकती है।
सहकारी समितियों पर खुलेंगे जनसेवा केंद्र
सहायक निबंधक डॉ प्रदीप सिंह ने बताया कि सहकारी समितियों पर जन सेवा केन्द्र खुलेंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जनसेवा केंद्र खोलने के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। 10 जनसेवा केंद्र पंजीकृत हो गए हैं। हर केंद्र की विभागीय पहचान पत्र अर्थात आईडी होगी।
जनसेवा केंद्र पर शासन से तय सुविधाएं जैसे फर्द, खसरा, खतौनी आदि उपलब्ध होंगी। इससे सहकारी समितियों से लेन-देन करने वाले किसान को खसरा खतौनी जैसे अभिलेखों की आवश्यकता होती है। किसान को समिति के जनसेवा केंद्र पर अभिलेख मिल सकेंगे। किसानों की भागदौड़ बचेगी।