बिजनौर के ग्राम नंगला के पास मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग पर ट्रेन से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हुई बाेलेरो ।
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बिजनौर में गजरौला-नजीबाबाद रेलवे मार्ग पर गांव नंगला के पास मानव रहित फाटक पार करते समय बोलेरो गाड़ी लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस से टकरा गई। हादसे में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार एक बालिका और महिला की मौत हो गई।
लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह नौ बजकर 57 मिनट पर बिजनौर से किरतपुर स्टेशन की ओर चली थी। सुबह 10.10 बजे ट्रेन गांव स्वाहेडी से पहले नंगला के पास स्थित मानव रहित फाटक फाटक संख्या 70 पर पहुंची ही थी कि ट्रेन के आगे अचानक बोलेरो आ गई।
ट्रेन के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए। मगर ट्रेन के आगे बुलेरो कार ट्रैक पर 110 तक घिसटती चली गई। कार के पिछले दोनों पहिए, एक साइड के दोनों गेट व बाकी पुर्जे टूटकर ट्रैक के दोनों ओर बिखर गए। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने गाड़ी में सवार लोगों को निकाला। हादसे में बिजनौर थाने के गांव फरीदपुरभोरू उर्फ भोरूवाला निवासी देवेंद्र की 35 वर्षीय पत्नी नूतन और देवेंद्र के छोटे भाई संजीव की सात वर्षीय बेटी अंशिका की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। महिला और बच्ची ताई-भतीजी हैं।
हादसे में देवेंद्र की मां ब्रजबाला देवी(60) और गांव रशीदपुर गढ़ी निवासी बबली(38) पत्नी ब्रजवीर और उसका बेटा शुभम(20) गंभीर रूप से घायल हो गए। ब्रजबाला और बबली सगी बहनें हैं। दोनों बहनें पास के गांव स्वाहेड़ी में अपनी तीसरी बहन के घर किसी की तबीयत खराब होने पर उन्हे देखने जा रही थी।
ग्रामीणों ने ट्रैक के आगे से गाड़ी को हटाकर ट्रेन को रवाना कराया। डीआरएम प्रमोद कुमार, सीनियर डिविजनल सेफ्टी आफिसर एपी गौतम, आरपीएफ के सीओ आरसी जोशी, डिविजनल इंजीनियर पारेश गौतम, नजीबाबाद एसडीएम वीके सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अफसरों ने शुरूआती तौर पर बोलेरो चालक रशीदपुर निवासी शुभम की चूक मानी है। उसके खिलाफ थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह भी पता चला है कि हादसे के दौरान बोलेरो चालक शुभम ने इयरफोन लगा रखा था।