शिवाला कलां में गांव शिवाला कलां में रामडोल का जुलूस निकालने का प्रयास कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने रोक दिया। विरोध में ग्रामीण नूरपुर-अमरोहा मार्ग पर धरना देकर बैठ गए। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने थाने में मौजूद डीएम और एसपी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल व्यक्तियों से अधिकारियों ने गांव के दस व्यक्तियों की समिति बनाकर तीन माह में विवाद का निपटारा करने को कहा। इसके बाद धरना समाप्त कर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
गांव शिवाला कलां में रामडोल का जुलूस निकाले जाने को लेकर पिछले दो वर्षों से विवाद चल रहा है। पिछले वर्ष भी गांव में रामडोल जुलूस के दौरान तनाव हुआ था। गांव के कुछ लोगों ने विरोध के बाद भी एक भैंसा बुग्गी पर रामडोल रखकर भैंसा चौराहे तक जुलूस निकाल दिया था। इस वर्ष गांव में ईद पर बड़े पशुओं की कुर्बानी को लेकर गांव के हिंदू पक्ष के लोगों ने विरोध किया था। इसके बाद प्रशासन ने गांव में बड़े पशुओं की कुर्बानी पर रोक लगा दी थी। कुछ दिन पहले गांव में हुए तनाव के कारण प्रशासन रामडोल को लेकर काफी सतर्क था। चार दिन पहले डीएम अटल कुमार राय एवं एसपी उमेश कुमार सिंह ने थाने में हिंदुओं की बैठक की। गांव में कोई नई परंपरा शुरू न करने की सख्त हिदायत दी थी। मंगलवार को गांव वालों ने रामडोल का जुलूस निकालने की पूरी तैयारी कर रखी थी। गांव में हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंच गए थे। प्रशासन ने भी गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स की भारी व्यवस्था की थी।
दोपहर करीब 11 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण रामडोल जुलूस लेकर मंदिर से निकले तो मौके पर मौजूद एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने इसे नई परंपरा बताते हुए उन्हें मंदिर से बाहर निकलने से रोक दिया। रामडोल की पालकी को मंदिर में ही रखवा दिया। इसके बाद ग्रामीण नूरपुर-अमरोहा मार्ग पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान थाने में मौजूद डीएम एसपी ने प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। प्रतिनिधिमंडल में हिंदू युवा वाहिनी के मंडल अध्यक्ष एनपी सिंह, हिंदू जागरण मंच के जितेंद्र, सीपी सिंह, रंजीत चौधरी, धर्म जागरण समन्वय के प्रांत प्रमुख जेडी शर्मा, सत्यदेव आर्य एवं भारत सिंह अधिकारियों से मिले और जुलूस निकाले जाने मांग की।
जिलाधिकारी ने जुलूस की अनुमति देने व कोई नई परंपरा शुरू कराने से साफ मना कर दिया। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों से गांव के हिंदू एवं मुस्लिम समाज के पांच-पांच लोगों की कमेटी बनाकर विवाद का तीन माह में निपटारा करने के बाद सूचित करने को कहा है। डीएम और एसपी से वार्ता के बाद जुलूस स्थगित कर दिया गया।
सांसद सहित कई नेताओं को नहीं जाने दिया गया गांव
गांव शिवाला कलां में रामडोल का जुलूस निकालने को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा रहा। प्रशासन ईद पर हुए विवाद के बाद रामडोल को लेकर काफी सतर्क था। विवाद की आशंका को देखते हुए गांव में भारी पुलिस, पीएसी के साथ आरएएफ की भी तैनाती की गई थी। डीएम और एसपी खुद थाने में कैंप कर कमान संभाले थे। पुलिस ने हिंदू संगठन के लोगों को गांव जाने से रोकने की नूरपुर में तैयारी की हुई थी। दिवंगत विधायक लोकेंद्र चौहान के भाई सीपी सिंह, हिंदू जागरण मंच के प्रांत महामंत्री जितेंद्र बैंस, धर्म जागरण समन्वय विभाग के प्रांत प्रमुख जेडी शर्मा सुबह ही गांव पहुंच गए थे, लेकिन हिंदू युवा वाहिनी के मंडल अध्यक्ष एनपी सिंह को नूरपुर में ही रोक दिया गया। बाद में उन्हें तो जाने दिया गया, लेकिन सांसद यशवंत सिंह, महिला आयोग की अध्यक्ष अवनी सिंह व भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया को प्रशासन ने शिवाला कलां नही पहुंचने दिया और उन्हें नूरपुर डाक बंगले पर ही रोके रखा गया।